भाई दूज पर जरूर करें यह आरती इस से बढ़ेगी उम्र … – 24×7 Khabre Fatafat

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 सनातन शास्त्रों में वर्णित है कि भाई दूज पर्व के दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना जी के घर पधारे थे। इस अवसर पर यमुना जी ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया था। तत्पश्चात यमराज ने भोजन ग्रहण किया था।

 देशभर में भाई दूज का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। हालांकि, आज का शुभ मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर, 45 मिनट तक है। इस दौरान बहनें अपने भाइयों को टीका लगा सकती हैं। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व भाई दूज का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि को यमराज और यमुना जी की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सनातन शास्त्रों में वर्णित है कि भाई दूज पर्व के दिन मृत्यु के देवता अपनी बहन यमुना जी के घर पधारे थे। इस अवसर पर यमुना जी ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया था। तत्पश्चात, यमराज ने भोजन ग्रहण किया था। इस दिन बहन के आवास पर भोजन ग्रहण करने से भाई को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती हैं। वहीं, भाई दूज के दिन पूजा के समय यमुना जी की आरती करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं सभी पूर्ण होती हैं। आइए जानते हैं-

यमुना जी की आरती

ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता,

जो नहावे फल पावे सुख सुख की दाता

ॐ पावन श्री यमुना जल शीतल अगम बहै धारा,

जो जन शरण से कर दिया निस्तारा

ॐ जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे,

यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे

ॐ कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही,

तुम्हारा बड़ा महातम चारों वेद कही

ॐ आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो,

नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो

ॐ नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी,

मन ‘बेचैन’ भय है तुम बिन वैतरणी

ॐ ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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