चंद्रयान-2 के लिए खतरा बना एलन मस्क का ‘कबाड़’ रॉकेट, चांद से होगी भयानक टक्कर

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चांद से टकराने वाला है एलन मस्क का भटका हुआ रॉकेट

चांद से टकराने वाला है एलन मस्क का भटका हुआ रॉकेट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खगोल विज्ञानियों ने लगाया है कि, फॉल्कन-9 के टकराते समय उसकी गति करीब 9288 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। यह रॉकेट सात साल पहले छोड़ा गया था। इसका इरादा चांद से टकराने का नहीं था। यह रॉकेट अंतरिक्ष में क्लाइमेट पर नजर रखने वाले सैटेलाइट को लेकर गया था, लेकिन उसके बाद यह अंतरिक्ष में कक्षाओं में चक्कर लगाते हुए अब चांद की तरफ मुड़ गया है।

बूस्टर 4 मार्च को चांद की सतह पर क्रैश लैंड करेगा

बूस्टर 4 मार्च को चांद की सतह पर क्रैश लैंड करेगा

अंतरिक्ष पर्यवेक्षकों के मुताबिक, रॉकेट का टुकड़ा करीब 4 मीट्रिक टन का है और यह चांद की सतह से 2.58 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से टकराएगा। अंतरिक्ष की गतिविधियों पर नजर रखने वाले बिल ग्रे ने अपने ब्लॉग में बताया है कि उनके ऑर्बिट-ट्रैकिंग सॉफ़्टवेयर ने अनुमान लगाया था कि बूस्टर 4 मार्च को चांद की सतह पर क्रैश लैंड करेगा और इसके मलबे से अंतरिक्ष में कचरा पैदा नहीं होगा। हालांकि अगर रॉकेट चांद पर बिना गिरे अंतरिक्ष में फटता है तो कई सैटेलाइट को नुकसान पहुंच सकता था।

चंद्रयान-2 बनेगा घटना का गवाह

चंद्रयान-2 बनेगा घटना का गवाह

आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि चांद की सतह पर इंसानों द्वारा बनाया गया कोई रॉकेट टकरा रहा हो। इससे पहले भी सैटेलाइट चांद की सतह से टकरा चुके हैं। साल 2009 में अमेरिका का लूनर क्रेटर ऑब्जरवेशन एंड सेंसिंग सैटेलाइट चांद के दक्षिणी ध्रुव पर 9 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से टकराया था। ग्रे के मुताबिक, चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे भारत के चंद्रयान-2 ऑर्बिटर और नासा के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर फाल्कन 9 रॉकेट के गिरने की तस्वीर खींच सकते हैं।

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इसे देखना एक हैरतअंगेज एहसास होगा

इसे देखना एक हैरतअंगेज एहसास होगा

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट जोनाथन मैक्डॉवल ने अपने ट्वीट में भी की। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि यह कोई बड़ी घटना नहीं है, लेकिन इसे देखना एक हैरतअंगेज एहसास दिलाएगा। स्पेस एक्स का यह पहला डीप स्पेस मिशन था। इसका रॉकेट बूस्टर अब काम नहीं करता। स्पेस एक्स ने पहली बार डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जरवेटरी भेजी थी। डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जरवेटरी एक खास तरह की सैटेलाइट है जो सौर तूफानों और धरती के वातावरण पर नजर रखती है। इसे सूरज और धरती के बीच ग्रैविटी मुक्त लैरेंज प्वाइंट पर तैनात किया गया है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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