मोदी के पंच प्रणों से भारत देश बनेगा विश्वगुरू- डा. पंकज सिंह

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निम्स विश्वविद्यालय में भारत के पंच प्रण एक युवा परिचर्चा का आयोजन 

चंदवाजी/कोटपूतली ,संजय जोशी

निम्स विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में युवा संवाद इंडिया/2047 भारत के पंच प्रण एक युवा परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने भारत के पंच प्रण पर विस्तार से चर्चा की। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किए जिसमें बायोटैक की छात्रा कनिष्का भाटिया को प्रथम पुरस्कार मिला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निम्स विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर संदीप मिश्रा, निम्स मेडिकल कॉलेज के डीन डा. चमन राम वर्मा, निम्स हाॅस्पीटल, विश्वविद्यालय के निदेशक एवं डा. पंकज सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. पंकज सिंह ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में दिव्यांग प्रीमियर लीग के विजेता गौरी शंकर मीणा, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता मनु कम्बोड, सुधीर वर्मा, प्रो. अशोक शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

युवा कल्याण मंत्रालय, एनएसएस और डा. पंकज सिंह फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित युवा संवाद को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए निम्स हॉस्पिटल, विश्वविद्यालय के निदेशक और डॉ पंकज सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. पंकज सिंह ने कहा कि भारत के पांच प्रण पर भारत का भविष्य निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरगामी सोच के आधार पर पांच प्रण निर्धारित किए गए हैं। अगर देश का हर व्यक्ति इन पांच प्रणों का अनुसरण करे तो 2047 तक भारतवर्ष विकसित देशों में सर्वोपरि होगा और विश्वगुरू बनेगा। उन्होंने पांचों प्रणों पर विस्तार से चर्चा की।

दिव्यांग प्रीमियर लीग के विजेता गौरी शंकर मीणा ने कहा कि प्रयास करने से सब कुछ संभव है। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता मनु कम्बोड ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि युवाओं के सर्वार्गीण विकास के लिए डा. पंकज सिंह हर संभव प्रयास कर रहे हैंे। शिक्षाशास्त्र के प्रो. अशोक शर्मा ने कहा कि देश के लिए कुछ करने का जज्वा हो तो भूख-प्यास नहीं लगती केवल लक्ष्य दिखाई देता है।

पंचप्राण का पहला प्रण विकसित भारत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ पंकज सिंह ने कहा कि इसका अर्थ है दास्तां की जंजीर तोड़ कर आगे बढ़े आगे बढ़कर देश को विश्व गुरु बनाने का प्रण लेना है। इसके लिए राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना होगा।

कार्यक्रम का संचालन छात्र प्रतिभा एवं इशिता भंडारी ने संयुक्त रूप से किया।

भाषण प्रतियोगिता में कनिष्का भाटिया अव्वल

भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के दो दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। बीएससी बायोटैक की छात्रा तनिष्का भाटिया ने नागरिकों में कर्तव्य भावना पर अपने विचार व्यक्त का प्रथान प्राप्त किया। समाजशास्त्र द्वितीय वर्ष की छात्रा विद्या भारती ने उपनिवेसिक मानसिकता का पतन पर विचार व्यक्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। तृतीय स्थान आॅप्टोमेट्री की छात्रा कल्याणी ने एकता और अखण्डता विषय पर विचार व्यक्त कर प्राप्त किया। सभी विजेताओं का सम्मान स्मृति चिन्ह और मोदी की पुस्तक भेट कर अतिथियों ने किया।

This News is Updated by Sanjay Joshi
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