पालनहार लाभार्थी संवाद कार्यक्रम: CM गहलोत ने 5.91 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 146.74 करोड़ किए ट्रांसफर

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Palanhar Beneficiary Dialogue Program CM Gehlot transferred 146.74 crores to 5.91 lakh beneficiaries

पालनहार लाभार्थी संवाद कार्यक्रम में बच्ची से बात करते हुए सीएम गहलोत
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर राज्य स्तरीय लाभार्थी संवाद समारोह में कहा कि विभिन्न श्रेणियों में लाभार्थियों को सहायता पहुंचाई जा रही है। सहयोग राशि बढ़ाने से लगभग 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। उन्होंने कहा कि गत सरकार में शुरू पालनहार योजना को बंद करने के बजाय हमने सहायता राशि और श्रेणियों में बढ़ोतरी की है। इससे परिवार में ही बच्चों की समुचित देखरेख, संरक्षण और शिक्षा सुनिश्चित हो रही है। ये बच्चे बड़े होकर प्रदेश और देश की उन्नति में अपना अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना एक अभिनव पहल है। इसे और मजबूत बना रहे हैं, हम सभी की जिम्मेदारी है कि एक भी पात्र बच्चा योजना से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से संवाद में कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सुनहरे सपनों को साकार करने की हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पढ़ाए। मुख्यमंत्री अनुप्रति निःशुल्क कोचिंग योजना में तैयारी कराकर उन्हें आगे बढ़ाए। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के जरिए होनहार बच्चों को विदेश में अध्ययन करने के लिए भेजा जा रहा है।

सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करें प्रधानमंत्री…

गहलोत ने कहा कि पूर्ववर्ती केंद्र सरकार ने खाद्य, रोजगार, शिक्षा और सूचना का अधिकार पूरे देश में एक समान लागू किया। उसी तरह हमने राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत न्यूनतम एक हजार रुपये का प्रावधान किया है। अब केंद्र सरकार भी पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा कानून लागू कर जरूरतमंदों को आर्थिक संबल प्रदान करे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के अधिकार (आरटीएच) से प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी ली है। इसे और मजबूत करेंगे।

मुख्यमंत्री का लाभार्थियों से संवाद…

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के बच्चों से उनके भविष्य को लेकर संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों की भावनाओं पर उन्हें प्रोत्साहित कर कहा कि आप पढ़ाई करें। आपके सपनों को पूरा करने में सरकार कोई कमी नहीं रखेगी। वहीं, लाभार्थियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं और पालनहार योजना में बढ़ी हुई राशि सीधे खातों में पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। गहलोत ने कहा कि महंगाई राहत कैम्पों में भी पंजीयन कराकर योजनाओं का लाभ लें।

बच्चों के सपने, मुख्यमंत्री का आशीर्वाद…

  • ‘पालनहार योजना से प्राप्त राशि से काफी मदद मिली है। जेईई की तैयारी कर रही हूं, इंजीनियर बनना है।‘- नेहा, चूरू
  • ‘मुझे आईएएस बनना है। आपके प्रोत्साहन से हर बच्चे को संबल मिला है। यह निरंतर मिलता रहेगा।‘ आयुषी, हनुमानगढ़
  • ‘कक्षा 9वीं में पढ़ रही हूं। बड़े होकर जज बनकर लोगों की सेवा करनी है।‘ आरूषी केडिया, सवाई माधोपुर
  • ‘तीन बच्चों की पढ़ाई और लालन-पोषण में मदद मिली है। मुझे स्कूटी का लाभ भी मिला। इसके लिए आपका धन्यवाद।‘ असलम हुसैन, कोटा
  • ‘योजना में सहायता राशि में बढ़ोतरी से राहत मिली है। इससे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनेगा। जनकल्याणकारी योजनाओं से हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है।‘ कविता मीणा, दौसा
  • ‘पालनहार सहित सभी योजनाओं से हम लाभान्वित हुए हैं। बच्चों को आपसे प्रोत्साहन मिलता है। वे भी आपकी तरह जनसेवा करना चाहते है।‘ गंगा बाई उदयपुर, मंजू देवी, सीकर

गहलोत ही नेक्स्ट सीएम – टीकाराम जूली

समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि यह योजना नाममात्र की नहीं, बल्कि इसके जरिए लगभग छह लाख बच्चों का लालन-पोषण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस वर्ग की पीड़ा को समझते हुए सहायता राशि में बढ़ोतरी की है। टीकाराम जूली ने कहा, देश भर में सीएम अशोक गहलोत ही नेक्स्ट सीएम हैं। समारोह में स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति कुमार धारीवाल, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी, सार्वजनिक निर्माण मंत्री भजन लाल जाटव, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना, राजस्थान राज्य केशकला बोर्ड के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, ओबीसी वित्त एवं विकास कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष पवन गोदारा, विधायक गंगा देवी, आलोक बेनीवाल, नरेंद्र बुड़ानिया, सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे, मुख्य सचिव उषा शर्मा, पालनहार के लाभार्थी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों से लाभार्थी, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासनिक अधिकारी जुड़े।

पालनहार योजना की पात्र श्रेणियां…

अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड, आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही विधवा माता के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, एचआईवी एड्स से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला के बच्चे, सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चे।

अनुदान राशि का प्रावधान…

अनाथ श्रेणी के 0-6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह और 6-18 आयु वर्ग तक के बच्चों के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह। राज्य सरकार की बजट घोषणा 2023-24 के अनुसार पालनहार योजना में अनाथ श्रेणी के अतिरिक्त अन्य श्रेणी के 0 से 6 साल उम्र के बच्चों के लिए 750 रुपये प्रतिमाह और 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि दी गई। साथ ही कपड़े, स्वेटर, जूते आदि के लिए हर वर्ष 2000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। (विधवा और नाता श्रेणी को छोड़कर)। इस योजना की सबसे जरूरी शर्त बच्चों का आंगनबाड़ी या विद्यालय जाना अनिवार्य है।

‘खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही राज्य सरकार’

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेल 2023 के आयोजन से प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह पैदा होगा, जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 

गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेल 2023 के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए 10 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन कला जत्थों के साथ प्रदेश के सभी ब्लॉक एवं विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और खेलों को लेकर जागरुकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलों के आयोजन से संबंधित मशाल को पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी मालती चौहान को सौंपकर रवाना किया। वहीं, गहलोत ने प्रतिभागियों को दी जाने वाली टी-शर्ट, मेडल्स और सर्टिफिकेट्स का विमोचन भी किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जुलाई से ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेलों का आयोजन होगा। इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए लगभग 57 लाख खिलाड़ियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। उन्होंने कहा कि इन खेलों में बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं एवं नौजवान सब एक साथ खेलते हैं, जिससे प्रदेश में भाईचारा व सद्भावना के साथ ही खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में राजस्थान से उत्कृष्ट खिलाड़ी निकलेंगे, जो प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

इस अवसर पर खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना ने कहा कि इन खेलों के आयोजन से फिट राजस्थान-हिट राजस्थान की भावना साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर जो टीमें जीतेंगी उनके गांवों में महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से 50-50 लाख रुपये की राशि से खेल स्टेडियम का निर्माण होगा। इसी प्रकार जो खिलाड़ी राज्य स्तर पर चैम्पियन बनेंगे, उन्हें होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी। चांदना ने कहा कि खिलाड़ियों को राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश में प्राथमिकता मिले, ऐसी योजना बनाई जाएगी। जिला स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को ट्रैक सूट एवं तहसील स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को मैडल्स व सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। वहीं, खेलों में भाग लेने वाले सभी लगभग 57 लाख खिलाड़ियों को टी-शर्ट्स उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव उषा शर्मा, शासन सचिव खेल विभाग नरेश कुमार ठकराल समेत अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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