Politics: धारीवाल-खाचरियावास में जुबानी हमले पर गहलोत से बोले प्रभारी रंधावा- अपने मंत्रियों को कंट्रोल करें

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Politics Randhawa Says to Gehlot on verbal attack in Dhariwal-Khachariyawas control your ministers

सीएम गहलोत और प्रदेश प्रभारी रंधावा
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा कि मंत्रियों का काम संगठन और सरकार को मजबूत करने का है, न कि फिजूल बयानबाजी करने का है। जयपुर में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से जब मीडिया ने सवाल पूछा कि आपकी पार्टी के एक मंत्री दूसरे मंत्री को बीजेपी का कार्यकर्ता बता रहे हैं, अनुशासन क्या रह गया है। तो रंधावा बोले, मैंने चीफ मिनिस्टर से बात की है। मंत्रियों का काम संगठन और सरकार को मजबूत करने का होता है, न कि इस तरह से एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने का है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मामले में कहा है कि आप अपने मंत्रियों से बात करें। वो एक-दूसरे पर जो बयानबाजी करते हैं, उन्हें रोकना चाहिए। मंत्रियों का यह काम नहीं है कि वह एक दूसरे पर बयानबाजी करें, मंत्रियों का काम है कि वह सरकार और संगठन को मजबूत करें। रंधावा ने स्पष्ट कहा कि सीएम के तौर पर मंत्रियों की बयान बाजी रोकने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ही है।

क्या है विवाद?

स्मार्ट सिटी अभियान में जयपुर को पिछड़ा हुआ बताने के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के खुलासे और जयपुर में 3-3 मंत्री और 6-6 विधायक होने के कारण ही मुख्य समस्या पैदा होने और काम अटकने के धारीवाल के आरोपों पर शुक्रवार को जयपुर से आने वाले खाद्य आपूर्ति मंत्री और जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने करारा जवाब दिया है। खाचरियावास ने मंत्री धारीवाल पर बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस को चुनाव हराने के काम करने के आरोप लगाए हैं।

साथ ही कहा कि गुलाबचंद कटारिया के प्रभाव में उन्होंने जो बातें कहीं, उन्हें शर्म आनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। धारीवाल ने यह भी कहा था कि न तीन मंत्री होते न छह विधायक होते वह काम भी हो जाते। जयपुर में कांग्रेस के मंत्री विधायकों के खिलाफ की गई इस टिप्पणी से जयपुर के मंत्री-विधायक धारीवाल के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। ऐसी भी सूचना है। यह विवाद आगे और न बढ़े, इसीलिए प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को सीएम अशोक गहलोत से बात करनी पड़ी है। माना जा रहा है सीएम अशोक गहलोत भी दोनों मंत्रियों की समझाइश करेंगे।

राजस्थान कांग्रेस के विधायकों और सरकार के मंत्रियों में कोल्ड वॉर के हालात…

हाल ही में कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने सीएम अशोक गहलोत पर वाइल्ड लाइफ की अनदेखी करते हुए वाइल्ड लाइफ बोर्ड सदस्य पद से इस्तीफा भेजा है। साथ ही मंत्री प्रमोद जैन भाया के कथित भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के आरोप सीएम पर लगाए हैं। पायलट खेमे के मंत्री हेमाराम चौधरी भी खुद पर लगाये गए आरोपों का बाड़मेर और जयपुर के भांकरोटा की सभा में सीएम गहलोत को जवाब दे चुके हैं। अजमेर में पिछले कई दिनों से पूर्व विधायक नसीम अख्तर इंसाफ और आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ के बीच विवाद चला आ रहा है।

सीकर में हुई एक मीटिंग में पीसीसी चीफ और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की उद्योग मंत्री शकुंतला रावत की मौजूदगी में वरिष्ठ विधायक राजेन्द्र पारीक से लंबी बहस हो गई थी। मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने सचिन पायलट की सभा में खुलकर कहा था कि हमारी कांग्रेस की सरकार सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है। कांग्रेस विधायकों, मंत्रियों और नेताओं में जिस तरह चुनाव से पहले कोल्ड वॉर चल रहा है, वह सरकार और संगठन दोनों पर सवाल उठा रहा है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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