अक्सर मेरे व्यवहार और आचरण से लोग मुझसे पूछते थे कि 'क्या मैं संघी हूं?' तब मैं पूछती की वह क्या होता है? मैं उस वक्त संघ के बारे में नहीं जानती थी। आज वह प्रारब्ध है कि मैं संघ के इस सर्वोच्च मंच पर आप सब से स्नेह पा रही हूं: पर्वतारोही संतोष यादव https://t.co/7UtwWGTvx6 pic.twitter.com/nlb4h7Y9eF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 5, 2022
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।



















