सावन मास सपामन की ओर है। सावन मास 12 अगस्त से समाप्त हो जाएगा और भाद्रपद मास की शुरुआत होगी। ऐसे में सावन का चौथा व आखिरी शनिवार 6 अगस्त 2022 को है। ऐसे में सावन मास का आखिरी शनिवार कुछ राशि वालों के लिए खास माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सावन मास में शनिवार को पूजा-अर्चना करने से भगवान शिव के साथ शनिदेव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसे में शनि की महादशा से पीड़ित जातकों के लिए सावन मास खास होता है।

इन पांच राशियों के लिए खास-
वर्तमान में धनु, मकर व कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। मिथुन व तुला राशि वालों पर शनि ढैय्या का प्रभाव है। शनिदेव इस समय मकर राशि में वक्री अवस्था में विराजमान हैं। शनि ढैय्या व साढ़ेसाती के दौरान जातक को आर्थिक, शारीरिक क मानसिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। सावन मास में शनि संबंधित उपायों को करने से शनिदेव के साथ भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों में शनिदेव को भोलेनाथ का परम भक्त व शिष्य बताया गया है।
सावन के चौथे शनिवार को करें ये उपाय-
शनि मंदिर में सरसों का तेल का दीपक जलाने और दान करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। शनिवार के दिन किसी गरीब या निर्धन को दान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से कष्ट दूर होते हैं। सावन मास के शनिवार को शिव चालीसा का पाठ करने से शनिदेव के प्रसन्न होने की मान्यता है। शनिवार को शनि मंदिर में शनि ग्रह के संबंधित चीजें जैसे काला कंबल, काले तिल और सरसों के तेल का दान करना लाभकारी माना गया है।
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