मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोहम्मद रियाज अत्तारी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का कार्यकर्ता बनना चाह रहा था। पाकिस्तानी में बैठे आतंकी सलमान हैदर और अबु इब्राहिम ने उसे ऐसा करने के लिए कहा था। दोनों आतंकी चाहते थे कि वह भाजपा से जुड़कर उन्हें अंदर की सूचनाएं दे।
बताया जा रहा है कि आतंकियों ने रियाज को अल्पसंख्यक मोर्चे के जरिए भाजपा के बड़े नेताओं तक भी पहुंचने के निर्देश दिए थे। उन्होंने रियाज से कहा था कि नेताओं का भरोसा जीतकर वह पार्टी की बैठकों में शामिल हो और वहां मिली जानकारी उन्हें भेजे। अपने आकाओं से मिले निर्देश का पालन करने के लिए वह तीन साल से पार्टी के बड़े नेताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था।
आतंकियों की योजना थी कि रियाज भाजपा में शामिल होकर बड़े नेताओं के करीब आए और फिर कोई बड़ा कांड करे। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि क्या हत्यारों और उनके आकाओं के निशाने पर भाजपा का कोई बड़ा नेता था? इस बारे में अब जांच की जा रही है।
भरोसा जीतने लोगों को पार्टी से जोड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं की नजर में आने के लिए उसने कई लोगों को पार्टी से जोड़ा था। ऐसा कर वह नेताओं का भरोसा जीतना चाहता था, लेकिन उसे इसका कुछ लाभ नहीं मिल रहा था। अल्पसंख्यक मोर्चा की बड़ी बैठकों में उसे नहीं बुलाया जाता था।
अब तक यह चार बड़े खुलासे हुए?
- हत्यारे गौस मोहम्मद की स्कूटी शुक्रवार को कन्हैयालाल की दुकान से थोड़ी दूरी पर मिला। इसका नंबर आरजे 27 बीएस 1226 है। कन्हैया की हत्या के बाद से यह स्कूटी यहीं खड़ी हुई थी। इसे 2013 में ही खरीदी गई थी। इससे पहले पुलिस को आरोपी रियाज अत्तारी की पल्सर बाइक मिली थी। जिसका नंबर आरजे 27 एस 2611 है। इस बाइक को रियाज ने 2013 में ही खरीदा था। 2611 नंबर लेने के लिए उसने आरटीओ को पांच हजार रुपये का अतरिक्त भुगतान भी किया था।
- आरोपी गौस मोहम्मद आतंकी सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था। यह दोनों पाकिस्तान में बैठकर आंतक फैलाने का काम करते हैं। गौस मोहम्मद ने ही रियाज अत्तारी को कट्टरपंथी बनने के लिए उकसाया था। साथ ही ब्रेनवॉश कर अपनी टीम में शामिल कर लिया। हत्यारे गौस को आतंकी सलमान हैदर ने कट्टरपंथी बनने की ट्रेनिंग दी थी। सलमान ने ही उसका संपर्क अबू इब्राहिम से कराया था।
- आरोपी रियाज और गौस पाकिस्तान के कराची गए थे। 2014-15 में दोनों ने वहां 15 दिन की ट्रेनिंग ली थी। हत्यारे पाकिस्तान में दावत-ए-इस्लामी संगठन से भी जुड़े हुए थे। कराची से आने के बाद दोनों आरोपी अपने समाज के युवाओं को धर्म के प्रति कट्टरपंथी बना रहे थे। उन्होंने एक व्हाट्स ग्रुप भी बनाया था जिसमें भड़काऊ वीडियो और मैसेज भेजकर युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पाकिस्तान के कुछ मोबाइल नंबरों पर दोनों की लगातार बात हो रही थी।
- रियाज और गौस के अलसूफा से भी जुड़े होने की बात सामने आई थी। यह संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के रिमोट स्लीपर सेल के तौर पर काम करता है। रियाज पिछले पांच साल से अलसूफा के लिए राजस्थान के आठ जिलों में स्लीपर सेल बना रहा था। दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा और जोधपुर में बेरोजगार युवाओं का ब्रेनवॉश कर आईएसआईएस के स्लीपर सेल से जोड़ रहे थे। दोनों को अरब देशों से फंडिग भी मिली थी।
कांग्रेस ने भाजपा पर बोला था हमला
इधर, भाजपा नेता गुलाबचंद कटारिया के साथ आरोपी की फोटो वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रियाज को भाजपा का सक्रिय सदस्य बताया था। खेड़ा ने कहा था कि ‘मुंह में राष्ट्रवाद बगल में छुरी’ वाली कहावत इस मामले में चरितार्थ हो रही है। रियाज और भाजपा नेता कटारिया की सोशल मीडिया पर फोटो सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी रिसर्च की है। भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता इरशाद चैनवाला और भाजपा के मोहम्मद ताहिर के पुराने फेसबुक पोस्ट को हमने स्टडी किया है। स्टडी में सामने आया कि रियाज अत्तारी न केवल प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के साथ कई कार्यक्रमों में दिखाई दे रहा है, बल्कि भाजपा के नेता उसे पार्टी का कार्यकर्ता भी बता रहे हैं।
जानें क्या है मामला?
उदयपुर के धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहने वाले कन्हैयालाल दर्जी थे और यहां अपनी दुकान चलाते थे। 28 जून मंगलवार को दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी की दुकान पर पहुंचे और उस पर धारदार हथियार से वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने कन्हैया को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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