Rajasthan: आईएसआई को बॉर्डर इलाके की जानकारी देने वाले तीन जासूस गिरफ्तार, एक के पिता सेना के रिटायर्ड कर्मचारी

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राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस पुलिस ने श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू से तीन जासूसों को गिरफ्तार किया है। तीनों जासूस पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई को सामरिक महत्व की सूचनाएं दे रहे थे। गिरफ्तार किया गया एक आरोपी अब्दुल सत्तार 2010 से पाकिस्तान जा रहा था। बताया जा रहा है कि अब्दुल आईएसआई के लिए स्थानीय एजेंट के रूप में भी काम कर चुका है। वहीं दूसरा आरोपी हनीट्रैप में फंसकर और तीसरा आरोपी पैसों के लिए काम कर रहा था। एक आरोपी के पिता वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से राजस्थान इंटेलिजेंस ने 25 से 28 जून के बीच ऑपरेशन सरहद अभियान चलाया। यह अभियान प्रदेश के सीमावर्ती श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू जिले में चलाया गया था। इस दौरान इंटेलिजेंस की टीम ने 23 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान तीन व्यक्तियों के संबंध आईएसआई से होने की बात सामने आई है। यह सभी आईएसआई के लिए जासूसी का काम कर रहे थे। जासूस अब्दुल सत्तार हनुमानगढ़, राम सिंह चूरू और नितिन यादव श्री गंगानगर का रहने वाला है। 

गिरफ्तार किए गए तीनों जासूसों के बारे में जानिए

  • अब्दुल सत्तार 2010 से लगातार पाकिस्तान जा रहा था। इस दौरान आईएसआई से जुड़े लोगों ने उससे संपर्क किया। साथ ही उसे सामरिक महत्व की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए राजी किया। इसके बाद से वह आईएसआई के स्थानीय एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। वह लगातार पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए हैंडलर को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की फोटो भेज रहा था। इस काम के बदले उसे हैंडलर उसे लगातार पैसा भी दे रहा था।  
  • दूसरा जासूस नितिन यादव श्री गंगानगर के सूरतगढ़ का रहने वाला है। वह छावनी क्षेत्र में फल-सब्जी आदि बेचता है। अपने काम को लेकर वह प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी आता-जाता रहता था। पाकिस्तानी महिला एजेंट ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया और फिर सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा करने के लिए तैयार किया। इसके बाद से नितिन उसे लगातार फोटो और वीडियो भेज रहा था। इसके बदले में उसे पैसे भी दिए जाते थे। बताया जा रहा है कि जासूस नितिन के पिता वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।
  • तीसरा जासूस राम सिंह बाड़मेर का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल चूरू की एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। इंटेलिजेंस की पूछताछ में राम सिंह ने बताया कि उसने आईएसआई को बॉर्डर आउटपोस्ट और सीमावर्ती क्षेत्र के फोटो और वीडियो भेजे थे। इसके बदले में उसे रुपये मिले थे।

मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो 
इंटेलिजेंस की टीम ने तीनों जासूसों के मोबाइल जब्त कर लिया हैं। उनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तीनों के मोबाइल में कई फोटो और वीडियो मिले हैं। यह सभी सामरिक महत्व से जुड़े हुए हैं।

विस्तार

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस पुलिस ने श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू से तीन जासूसों को गिरफ्तार किया है। तीनों जासूस पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई को सामरिक महत्व की सूचनाएं दे रहे थे। गिरफ्तार किया गया एक आरोपी अब्दुल सत्तार 2010 से पाकिस्तान जा रहा था। बताया जा रहा है कि अब्दुल आईएसआई के लिए स्थानीय एजेंट के रूप में भी काम कर चुका है। वहीं दूसरा आरोपी हनीट्रैप में फंसकर और तीसरा आरोपी पैसों के लिए काम कर रहा था। एक आरोपी के पिता वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सहयोग से राजस्थान इंटेलिजेंस ने 25 से 28 जून के बीच ऑपरेशन सरहद अभियान चलाया। यह अभियान प्रदेश के सीमावर्ती श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू जिले में चलाया गया था। इस दौरान इंटेलिजेंस की टीम ने 23 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान तीन व्यक्तियों के संबंध आईएसआई से होने की बात सामने आई है। यह सभी आईएसआई के लिए जासूसी का काम कर रहे थे। जासूस अब्दुल सत्तार हनुमानगढ़, राम सिंह चूरू और नितिन यादव श्री गंगानगर का रहने वाला है। 

गिरफ्तार किए गए तीनों जासूसों के बारे में जानिए

  • अब्दुल सत्तार 2010 से लगातार पाकिस्तान जा रहा था। इस दौरान आईएसआई से जुड़े लोगों ने उससे संपर्क किया। साथ ही उसे सामरिक महत्व की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए राजी किया। इसके बाद से वह आईएसआई के स्थानीय एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। वह लगातार पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और सोशल मीडिया के जरिए हैंडलर को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की फोटो भेज रहा था। इस काम के बदले उसे हैंडलर उसे लगातार पैसा भी दे रहा था।  
  • दूसरा जासूस नितिन यादव श्री गंगानगर के सूरतगढ़ का रहने वाला है। वह छावनी क्षेत्र में फल-सब्जी आदि बेचता है। अपने काम को लेकर वह प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी आता-जाता रहता था। पाकिस्तानी महिला एजेंट ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया और फिर सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा करने के लिए तैयार किया। इसके बाद से नितिन उसे लगातार फोटो और वीडियो भेज रहा था। इसके बदले में उसे पैसे भी दिए जाते थे। बताया जा रहा है कि जासूस नितिन के पिता वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं।
  • तीसरा जासूस राम सिंह बाड़मेर का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल चूरू की एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। इंटेलिजेंस की पूछताछ में राम सिंह ने बताया कि उसने आईएसआई को बॉर्डर आउटपोस्ट और सीमावर्ती क्षेत्र के फोटो और वीडियो भेजे थे। इसके बदले में उसे रुपये मिले थे।

मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो 

इंटेलिजेंस की टीम ने तीनों जासूसों के मोबाइल जब्त कर लिया हैं। उनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तीनों के मोबाइल में कई फोटो और वीडियो मिले हैं। यह सभी सामरिक महत्व से जुड़े हुए हैं।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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