न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Mon, 27 Jun 2022 02:38 PM IST
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अजमेर में हिंदू समाज की ओर से निकाले गए शांति मार्च पर दरगाह खादिम और मुस्लिमों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जुलूस का निकलना यह दर्शाता है कि उन्होंने हमारे जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
दरगाह खादिम सरवर चिश्ती ने दरगाह के बाहर खड़े होकर हिंदू समाज द्वारा निकाले गए शांति मार्च का विरोध किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मुस्लिमो ने जो मार्च निकाला था, वो उनके नबी के लिए बोले गए गलत शब्दों और नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए निकाला था लेकिन जब आज हिन्दू समाज ने शांति मार्च निकाला उससे लगता है कि वे नूपुर शर्मा को समर्थन दे रहे हैं । उन्होंने कहा कि ये उचित नहीं है और अब ये सहन नहीं किया जाएगा ।
कांग्रेस पर लगाया आरोप
खादिम सरवर चिश्ती ने यह भी कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए प्रशासन ने सकल हिंदू समाज को यह जुलूस निकालने की परमिशन दी है, उससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हुई है। उन्होंने कहा कि जिस मकसद से हिंदू समाज ने जुलूस निकाला उसके लिए सत्ता में बैठी कांग्रेस प्रशासन को यह जुलूस नहीं निकालने देना चाहिए और ना ही इसकी परमिशन देनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज पर कुठाराघात हुआ है जिसका जवाब वक्त आने पर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि जिस प्रकार से अजमेर के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर कर जुलूस में हिस्सा लिया। उनको यह सोचना चाहिए कि उनकी दुकानें जायरीन की बदौलत चलती है।
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