Russia Ukraine War: यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के अभिभावकों की अपील, देश में हो पढ़ाई का बंदोबस्त

0
28

सार

रूस-यूक्रेन जंग (Russia Ukraine War) के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वतन लौटे छात्रों के परिजनों से केंद्र सरकार से बच्चों के भविष्य को बचाने की गुहार लगाई है।

ख़बर सुनें

रूस-यूक्रेन जंग (Russia Ukraine War) के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वतन लौटे छात्रों के परिजनों से केंद्र सरकार से बच्चों के भविष्य को बचाने की गुहार लगाई है। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे हजारों भारतीय छात्र लौट आए हैं। इनके वापस आने और जंग से हुई तबाही के कारण अब इनकी पढ़ाई बाधित हो चुकी है। इससे एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की ये चिंता बढ़ गई है कि बच्चों की डिग्री की शेष पढ़ाई कैसे और कहां से पूरी होगी?
इसी चिंता का समाधान करवाने को लेकर अभिभावक अब एकजुट होने लगे हैं। शिक्षा नगरी कोटा में यूक्रेन से लौटे 20 से अधिक मेडिकल विद्यार्थियों के अभिभावकों ने एक बैठक कर अभिभावक समिति का गठन किया। समिति ने यूक्रेन में फंसे भारतीय मेडिकल विद्यार्थियों को उनके घरों तक सुरक्षित वापसी करवाने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। इसके साथ ही समिति ने मृतक भारतीय छात्र नवीन को श्रद्धांजलि भी दी। 

निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगाए सरकार

स्वदेश लौटे कोटा की रिशिका गोठानिया, स्वप्निल शर्मा, हर्षित आहूजा एमबीबीएस द्वितीय वर्ष, विशाल गुप्ता, आशीष नागर, अजय कुमार, यदुवेंद्र मालव, जय टांक, मुक्तिका वर्मा, इशिका गौतम चौथे वर्ष, नितिन चौधरी बीएसएमयू यूनिवर्सिटी, यूक्रेन में पांचवें वर्ष में अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि देश में नीट क्वालीफाई करने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण के कारण कम अंक वालों को सीट मिल जाती है और वे नीट में अधिक अंक प्राप्त करके भी प्रवेश से वचिंत रह जाते हैं। देश के निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वसूली पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होने से मनमानी फीस ली जा रही है, जिससे प्रतिभावान विद्यार्थियों को अच्छी पढ़ाई के लिए विदेश जाना पड़ता है। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार को इस बारे में ठोस कदम उठाकर निजी मेडिकल कॉलेजों की लूट पर रोक लगाए।  
 

यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों ने सुनाई जंग की दास्तां

यूक्रेन से लौटी कोटा की एमबीबीएस सेंकड ईयर मेडिकल छात्रा धृति जोशी ने बताया कि उसे सामान्य वर्ग से नीट क्वालीफाई करने के बावजूद देश के मेडिकल कॉलेजों में सीट नहीं मिल पाई थी। यहां के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक फीस की आवश्यकता थी, जिससे पापा पूरी नहीं कर सकते थे। ऐसे में उन्होंने कम फीस पर यूक्रेन के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कराने का निर्णय किया था, लेकिन रूस-यूक्रेन की जंग के कारण से उनका भविष्य अब संकट में है। बमबारी के बीच, वहां से सुरक्षित लौटकर आना किसी बड़े करिश्मे से कम नहीं है। अब वह अपनी डिग्री भारत में रहकर पूरी करना चाहती हैं।

 

शेष पढ़ाई देश में ही पूरी करवाने का आग्रह

समिति ने यूक्रेन के मेडिकल कॉलेजों से कम फीस पर एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों की डिग्री अधूरी रह जाने पर विशेष चिंता जताई और केंद्र एवं राज्य सरकार से बच्चों की शेष पढ़ाई देश में ही पूरी करवाने के लिए विशेष व्यवस्था करवाने का आग्रह किया। ताकि, वे भारत में रहकर अपनी सेवाएं दे सकें। अभिभावक समिति के अध्यक्ष दिवाकर जोशी ने बताया कि आगामी 20 मार्च, 2022 को दोपहर दो बजे छत्र विलास उद्यान, नयापुरा, कोटा में हाड़ौती संभाग यानी कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ जिलों के सभी प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

विस्तार

रूस-यूक्रेन जंग (Russia Ukraine War) के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वतन लौटे छात्रों के परिजनों से केंद्र सरकार से बच्चों के भविष्य को बचाने की गुहार लगाई है। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे हजारों भारतीय छात्र लौट आए हैं। इनके वापस आने और जंग से हुई तबाही के कारण अब इनकी पढ़ाई बाधित हो चुकी है। इससे एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की ये चिंता बढ़ गई है कि बच्चों की डिग्री की शेष पढ़ाई कैसे और कहां से पूरी होगी?

इसी चिंता का समाधान करवाने को लेकर अभिभावक अब एकजुट होने लगे हैं। शिक्षा नगरी कोटा में यूक्रेन से लौटे 20 से अधिक मेडिकल विद्यार्थियों के अभिभावकों ने एक बैठक कर अभिभावक समिति का गठन किया। समिति ने यूक्रेन में फंसे भारतीय मेडिकल विद्यार्थियों को उनके घरों तक सुरक्षित वापसी करवाने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। इसके साथ ही समिति ने मृतक भारतीय छात्र नवीन को श्रद्धांजलि भी दी। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here