राजस्थान: बजट को काली दुल्हन का मेकअप करने जैसा बताने वाले भाजपा नेता ने अब ये कहा 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 24 Feb 2022 10:47 AM IST

सार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का बजट पर दिया गया बयान उनके लिए परेशानी बन गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को पत्र लिखकर पूनिया के बयान पर विरोध जताया, साथ ही कार्यवाही करने की मांग की है। 

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के बजट को काली दुल्हन को मेकअप कर पेश करने जैसा बनाना उनके लिए परेशानी बन गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को पत्र लिखकर पूनिया के बयान पर विरोध जताया, साथ ही कार्यवाही करने की मांग की है।

महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना ने कहा कि इस बयान के विरोध में महिला संगठन भाजपा अध्यक्ष पूनिया के घर और दफ्तर के बाहर आज आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, अपने बयान पर विवाद होने के बाद सतीश पूनिया ने गुरुवार को माफी मांग ली हैं। 


सरकार के बजट को सतीश पूनिया ने लोक लुभावन बताया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री घोषणाजीवी हैं, उनकी कथनी और करनी में अंतर है। चुनाव को देखते हुए बजट में सिर्फ घोषणाएं की गई हैं, लेकिन वादाखिलाफी व झूठे वादों से परेशान प्रदेश का किसान और युवा 2023 में कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए  तैयार है। बजट का रूप आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया जैसा है। बजट के प्रावधानों का वित्तीय स्त्रोत क्या होगा यह समझना मुश्किल है। सरकार को पहले तीन बजट और राज्यपाल के तीन अभिभाषण की सच्चाई के लिए ‘श्वेत पत्र’ जारी करना चाहिए। जनघोषणा पत्र के 70 फीसदी और बजट के वादों को 85 फीसदी पूरा होना बताना हास्यास्पद है, हकीकत में स्थिति कुछ और ही है।

 

विस्तार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के बजट को काली दुल्हन को मेकअप कर पेश करने जैसा बनाना उनके लिए परेशानी बन गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना रियाज ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को पत्र लिखकर पूनिया के बयान पर विरोध जताया, साथ ही कार्यवाही करने की मांग की है।

महिला आयोग की अध्यक्ष रेहाना ने कहा कि इस बयान के विरोध में महिला संगठन भाजपा अध्यक्ष पूनिया के घर और दफ्तर के बाहर आज आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, अपने बयान पर विवाद होने के बाद सतीश पूनिया ने गुरुवार को माफी मांग ली हैं। 


सरकार के बजट को सतीश पूनिया ने लोक लुभावन बताया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री घोषणाजीवी हैं, उनकी कथनी और करनी में अंतर है। चुनाव को देखते हुए बजट में सिर्फ घोषणाएं की गई हैं, लेकिन वादाखिलाफी व झूठे वादों से परेशान प्रदेश का किसान और युवा 2023 में कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए  तैयार है। बजट का रूप आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया जैसा है। बजट के प्रावधानों का वित्तीय स्त्रोत क्या होगा यह समझना मुश्किल है। सरकार को पहले तीन बजट और राज्यपाल के तीन अभिभाषण की सच्चाई के लिए ‘श्वेत पत्र’ जारी करना चाहिए। जनघोषणा पत्र के 70 फीसदी और बजट के वादों को 85 फीसदी पूरा होना बताना हास्यास्पद है, हकीकत में स्थिति कुछ और ही है।

 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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