ऋद्धिमान साहा के खुलासे के बाद मचा बवाल, द्रविड़ ने मिडिया को सफाई देते हुए कही ये बात – 24×7 Khabre Fatafat

0
38

नई दिल्ली: टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अचानक टीम से बाहर निकाल फेंका. ऋद्धिमान साहा ने इसके बाद हेड कोच राहुल द्रविड़ से लेकर BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली के बारे में एक के बाद एक खुलासे कर बवाल मचा दिया है. अब राहुल द्रविड़ ने मीडिया के सामने इस विवाद पर सफाई दी है. बता दें कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लगभग बंद हो गए हैं. इस खिलाड़ी को श्रीलंका के खिलाफ 4 मार्च से शुरू हो रही 2 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया गया है.

ऋद्धिमान साहा के इस चौंकाने वाले आरोप से मचा बवाल

ऋद्धिमान साहा ने हेड कोच राहुल द्रविड़ और बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली पर बड़ा आरोप लगाया था. पत्रकारों से बातचीत में साहा ने कहा था, ‘कोच राहुल द्रविड़ ने कहा था कि मुझे रिटायरमेंट लेने के बारे में सोचना चाहिए. जबकि दादा (सौरव गांगुली) ने कहा था कि जब तक मैं BCCI का प्रेसिडेंट हूं तुम्हे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. बोर्ड प्रेसिडेंट की तरफ से ये बातें सुनकर मेरा कॉन्फिडेंस काफी बढ़ गया था.’

अब द्रविड़ ने मीडिया के सामने सफाई में कही ये बात

अब राहुल द्रविड़ ने मीडिया के सामने इस विवाद पर सफाई दी है. राहुल द्रविड़ का मानना है कि यह अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज ‘सच्चाई और स्पष्टता’ का हकदार था. द्रविड़ ने कहा कि साहा से बात करने के पीछे उनका इरादा यह सुनिश्चित करना था कि उन्हें यह स्पष्ट तौर पर पता हो कि टीम में उनकी स्थिति क्या है और उन्हें इसका पछतावा नहीं है. द्रविड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की 3-0 से जीत के बाद कहा, ‘मैं वास्तव में आहत नहीं हूं. मैं साहा और भारतीय क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों और योगदान का बहुत सम्मान करता हूं. मेरी बातचीत इसी संदर्भ में थी. मुझे लगता है कि वह सच्चाई और स्पष्टता के हकदार हैं.’

‘मैं लगातार खिलाड़ियों के साथ बातचीत करता हूं’

साहा ने भारत की तरफ से 40 टेस्ट मैच खेले हैं. इस 37 वर्षीय विकेटकीपर को सीरीज के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया. वह रणजी ट्रॉफी में भी नहीं खेल रहे हैं.
द्रविड़ ने कहा कि वह आगे भी खिलाड़ियों से इस तरह की स्पष्ट बातचीत जारी रखेंगे भले ही उन्हें यह रास आये या नहीं. उन्होंने कहा, ‘इस तरह की बातचीत मैं लगातार खिलाड़ियों के साथ करता हूं. मैं यह उम्मीद भी नहीं करता कि मैं खिलाड़ियों के बारे में जो कुछ कहता हूं वे हमेशा उससे सहमत होंगे.’

खिलाड़ी का निराश और आहत होना स्वाभाविक

द्रविड़ ने कहा, ‘आप खिलाड़ियों के साथ कड़ी बातचीत कर सकते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप बातों को दबाकर रखें और बातचीत न करें.’ द्रविड़ ने कहा कि वह प्लेइंग 11 का चयन करने से पहले खिलाड़ियों से बात करने की रणनीति अपनाते हैं. द्रविड़ ने कहा, ‘मैं हमेशा प्लेइंग 11 के चयन से पहले इस तरह की बातचीत में विश्वास रखता हूं और यह सवाल सुनने के लिए तैयार रहता हूं कि कोई खिलाड़ी क्यों नहीं खेल रहा है. खिलाड़ी का निराश और आहत होना स्वाभाविक है.’

ऋद्धिमान साहा ने लगाए थे ये सभी आरोप 

इससे पहले ऋद्धिमान साहा ने हेड कोच राहुल द्रविड़ और बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली को लेकर कहा था, ‘टीम मैनेजमेंट ने मुझसे कहा था कि अब मेरा चयन नहीं होगा. चूंकि मैं अभी तक इंडियन टीम के सेटअप का हिस्सा था, इसलिए इस बारे में बता नहीं सकता था. यहां तक कि कोच राहुल द्रविड़ ने कहा था कि मुझे रिटायरमेंट लेने के बारे में सोचना चाहिए. इसके अलावा जब कानपुर टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैंने पेन किलर लेकर नाबाद 61 रन बनाए थे तो दादा (सौरव गांगुली) ने मेरी काफी तारीफ की थी.’

राहुल द्रविड़ ने व्हाट्सएप पर मुझे मैसेज किया था और बधाई दी थी. उन्होंने यहां तक कहा कि जब तक मैं बीसीसीआई का प्रेसिडेंट हूं तुम्हे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. बोर्ड प्रेसिडेंट की तरफ से ये बातें सुनकर मेरा कॉन्फिडेंस काफी बढ़ गया था. हालांकि अब मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सबकुछ इतना जल्दी कैसे बदल गया.

This News is Updated by Khabre Fatafat
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here