राजस्थान: एक दिन में 16 हजार किमी तक की उड़ान भरने वाले विदेशी पक्षी बार हेडेड गूज चंबल पहुंचे, ये भी कहा जाता है

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 05 Feb 2022 03:14 PM IST

सार

चंबल की आवोहवा बार हेडेड गूज को काफी पसंद आ रही है। इस कारण इनका झुंड हर साल यहां आ रहा है। चंबल में कई जगह इनके ठिकाने देखे गए हैं। 
 

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28 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर तिब्बत, कजाकिस्तान, रूस और मंगोलिया से होकर बार हेडेड गूज का झुंड चंबल पहुंच गया है। उनकी अठखेलियां सैलानियों को खूब पसंद आ रही हैं। एक दिन में 1600 किमी की उड़ान भरने की क्षमता वाले बार हेडेड गूज के झुंड ने राजघाट पर चंबल नदी में डेरा डाल लिया है। बार हेडेड गूज के यहां आने के सवाल पर पक्षी विशेषज्ञ मुन्ना लाल निषाद ने बताया कि चंबल की आवोहवा उन्हें पसंद आ रही है। यही कारण है कि हेडेड गूज हर साल यहां आ रहे हैं। 

दो से तीन किलो होता है वजन
निषाद ने बताया कि चंबल नदी पर आने वाले पर्यटक पक्षियों के झुंड को देखकर और उनके बारे में जानकर अचंभित हो उठते हैं। बार हेडेड गूज को सफेद हंस भी कहा जाता है, क्योंकि इनके सिर और गर्दन पर काले निशान और रंग पीला ग्रे होता है। सिर पर दो काली सलाखों के साथ उनके सफेद पंख होते हैं, पैर मजबूत और नारंगी रंग के होते हैं। इनकी लंबाई 68 से 78 सेमी और पंखों का फैलाव 140 से 160 सेमी होता है। एक बार हेडेड गूज का वजन दो से तीन किलो तक होता है। 

एक बार में 8 अंडे तक देता है बार हेडेड गूज
वन्यजीव प्रेमी मुन्ना लाल ने बताया कि मई के अंत में बार हेडेड का प्रजनन शुरू होता है। ये मिट्टी के किसी टीले या पेड़ पर अपना घोंसला बनाते हैं। एक बार में तीन से आठ अंडे देते हैं और 27 से 30 दिनों में बच्चे अंडे से बाहर आ जाते हैं। दो महीने बाद इनके बच्चे उड़ान भरने लगते हैं। उन्होंने बताया कि बार हेडेड गूज के चंबल में कई ठिकाने दिखे हैं।  

विस्तार

28 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर तिब्बत, कजाकिस्तान, रूस और मंगोलिया से होकर बार हेडेड गूज का झुंड चंबल पहुंच गया है। उनकी अठखेलियां सैलानियों को खूब पसंद आ रही हैं। एक दिन में 1600 किमी की उड़ान भरने की क्षमता वाले बार हेडेड गूज के झुंड ने राजघाट पर चंबल नदी में डेरा डाल लिया है। बार हेडेड गूज के यहां आने के सवाल पर पक्षी विशेषज्ञ मुन्ना लाल निषाद ने बताया कि चंबल की आवोहवा उन्हें पसंद आ रही है। यही कारण है कि हेडेड गूज हर साल यहां आ रहे हैं। 

दो से तीन किलो होता है वजन

निषाद ने बताया कि चंबल नदी पर आने वाले पर्यटक पक्षियों के झुंड को देखकर और उनके बारे में जानकर अचंभित हो उठते हैं। बार हेडेड गूज को सफेद हंस भी कहा जाता है, क्योंकि इनके सिर और गर्दन पर काले निशान और रंग पीला ग्रे होता है। सिर पर दो काली सलाखों के साथ उनके सफेद पंख होते हैं, पैर मजबूत और नारंगी रंग के होते हैं। इनकी लंबाई 68 से 78 सेमी और पंखों का फैलाव 140 से 160 सेमी होता है। एक बार हेडेड गूज का वजन दो से तीन किलो तक होता है। 

एक बार में 8 अंडे तक देता है बार हेडेड गूज

वन्यजीव प्रेमी मुन्ना लाल ने बताया कि मई के अंत में बार हेडेड का प्रजनन शुरू होता है। ये मिट्टी के किसी टीले या पेड़ पर अपना घोंसला बनाते हैं। एक बार में तीन से आठ अंडे देते हैं और 27 से 30 दिनों में बच्चे अंडे से बाहर आ जाते हैं। दो महीने बाद इनके बच्चे उड़ान भरने लगते हैं। उन्होंने बताया कि बार हेडेड गूज के चंबल में कई ठिकाने दिखे हैं।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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