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oi-Bavita Jha
नई दिल्ली, 4 फरवरी। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरबीआई के डिजिटल करेंसी की घोषणा की। इस डिजिटल करेंसी को लेकर कई उम्मीदें हैं। इस डिजिटल करेंसी से न केवल डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ब्लैकमनी, खतरे और फ्रॉड को रोकने में भी मदद मिलेगी। डिजिटल करेंसी से की गई लेनदेन का पूरा लेखा जोखा आरबीआई के पास होगा, क्योंकि इसका कंट्रोल आरबीआई के पास होगा। जब आप डिजिटल करेंसी से दुकानदार को पेमेंट करेंगे तो दुकानदार उस करेंसी को इस्तेमाल अपने विक्रेता को पेमेंट करने में करेगा। यानी इस पूरे लेनदेन का रिकॉर्ड आरबीआई के पास होगा।

इतना ही नहीं डिजिटल करेंसी के जरिए ब्लैकमनी पर कंट्रोल पाने में मदद मिलेगी। चूंकि डिजिटल करेंसी में लेनदेन का डेटा आरबीआई के पास होगा तो उसपर टैक्स चोरी संभव नहीं हो सकेगा। अधिकांश काले धन की इनकम भूमिगत आर्थिक गतिविधियों से नकद में प्राप्त होती है, जिसकी जानकारी नहीं होने के कारण उसपर टैक्स नहीं लगता, लेकिन डिजिटल करेंसी में इसकी गुंजाइश नहीं बचेगी। आरबीआई के सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) की शुरुआत से देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
टैक्स चोरी रोककर सरकार ब्लैकमनी पर भी रोक लगा सकेगी। वहीं इस डिजिटल करेंसी से सरकार ने आय में भी बढ़ोतरी होगी। इस बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोऱ् के अध्यक्ष जेबी महापात्रा ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स लगाए जाने से सरकार की कमाई में बढ़ोतरी होगी। अगर सिर्फ टॉप टेन क्रिप्टो एक्सचेंज, जिनका टर्नओवर 1 लाख करोड़ के आसपास हैं उनपर ही नजर डाले तो सरकार को इनसे भारी टैक्स कलेक्शन होगा।
English summary
RBI’s Digital Rupee will help curb black money menace
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