Netflix की पहली अरबी फिल्म में ही हिरोइन ने उतारा अंडरवियर, मुस्लिम देशों में फूटा गुस्सा

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अरब देशों में फिल्म का विरोध

अरब देशों में फिल्म का विरोध

अरब देश के लोगों का कहना है कि इस फिल्म से अरब देशों की संस्कृति और धार्मिक मूल्यों पर खतरा है और इस फिल्म से अरब देशों में समलैंगिकता और अश्लीलता को बढ़ावा मिलता है। फिल्म के आलोचकों का कहना है कि, इस फिल्म के जरिए अरब देश के लोगों को मानसिक तौर पर भ्रष्ट करने की साजिश रची जा रही है। इस फिल्म का नाम Ashab Wala A’azz है, जिसका इंग्लिश नाम ‘No Dear Friends’ है और इस फिल्म के कई दृश्यों पर लोगों को काफी ज्यादा आपत्ति है।

फिल्म के सीन पर विवाद

फिल्म के सीन पर विवाद

फिल्म Ashab Wala A’azz, दोस्तों के एक ऐसे ग्रुप के बारे में है, जो रात के खाने पर एक साथ मिलते हैं और फिर सभी लोग एक दूसरे के साथ अपने हर एक मैसेज, ईमेल और फोन कॉल को शेयर करने के लिए तैयार होते हैं। इसके पीछे दोस्तों का मकसद रात को और भी ज्यादा रोमांचक बनाना होता है। लेकिन, जैसे-जैसे घटनाएं सामने आने लगती हैं, धीरे धीरे उनके बीच ऐसी ऐसी सच्चाइयों का खुलासा होना शुरू हो जाता है, जिनसे उनके बीच का संबंध खराब होने लगता है। इस फिल्म में जब सच्चाइयों का खुलासा होना शुरू होता है, तो व्यभिचार और उनके विवाह पूर्व संबंधों का खुलासा होना शुरू हो जाता है। इनके साथ ही ग्रुप के कुछ दोस्तों के समलैंगिंक होने का भी खुलासा होने लगता है और फिर फिल्म काफी ज्यादा तनावपूर्ण बन जाता है।

मिस्र में क्यों हो रहा फिल्म का विरोध?

मिस्र में क्यों हो रहा फिल्म का विरोध?

दरअसल, फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं, जिनको लेकर लोगों का तीव्र विरोध है। व्यभिचार और समलैंगिकता ऐसे टॉपिक हैं, जो अरब देशों में काफी विवादित माने जाते हैं और अरब समाज में वर्जित माना जाता है। और नेटफ्लिक्स की ये पहली फिल्म इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आगे बढ़ती है। लेकिन, पिछले महीने 20 जनवरी को रिलीज हुई यह फिल्म काफी तेजी से लोगों द्वारा पसंद की जाने लगी और दो हफ्ते के अंदर ही ये फिल्म अरब देशों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बन गई। लेकिन, इस फिल्म के हिट होते ही इसको लेकर विवाद छिड़ गया और फिल्म को रिलीज करने की इजाजत देने की वजह से मिस्र के संस्कृति मंत्रालय और सेंसर कार्यालय के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है और मिस्र के सांसदों ने फौरन फिल्म पर प्रतिबंध लगाने और फिल्म को रिलीज करने की इजाजत देने के लिए एक विशेष सत्र को आयोजित करने की मांग की है।

मिस्र की अभिनेत्री का भारी विरोध

मिस्र की अभिनेत्री का भारी विरोध

कई लोगों ने मिस्र की मशहूर अभिनेत्री मोना जकी की आलोचना की है, जिनपर फिल्म में “अपमानजनक” दृश्यों में भाग लेने का आरोप लगा है। फिल्म के एक आलोचक ने कहा कि, ‘इस फिल्म के जरिए समलैंगिकता को बढ़ावा मिलती है’, जबकि एक और आलोचक ने कहा कि, यह मिस्र के समाज की “नैतिकता” पर एक तरह का हमला है और फिल्म के जरिए “पारिवारिक मूल्यों को नष्ट” करने की कोशिश की गई है। हालांकि, फिल्म को लेकर कुछ लोगों का कहना है कि, मिस्र में समलैंगिकता स्पष्ट रूप से गैरकानूनी नहीं ठहराया गया है और समलैंगिकता को एक तरह से अशिष्टता के तौर पर लिया गया है और इसके खिलाफ सजा भी साधारण ही है। हालांकि, मिस्र के एक कानूनविद मुस्तफा बकरी ने नेटफ्लिक्स पर ही प्रतिबंध लगाने की मांग की है और संसद सत्र की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है।

‘देश पर सांस्कृतिक प्रहार’

फिल्म के एक दृश्य पर आपत्ति जताते हुए एक सांसद ने कहा कि, ‘फिल्म के एक दृश्य में एक पिता अपनी बेटी के सामने अपने पहले सेक्स को लेकर बात करता है। वहीं, फिल्म के एक और दृश्य में विवाह पूर्व बनाए गये संबंधों को लेकर चर्चा की गई है, जो अरब समाज की संस्कृति पर गंभीर खतरा है।’ वकील बकरी ने एक निजी टीवी चैनल के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि, “यह नेटवर्क (नेटफ्लिक्स) मिस्र और अरब नागरिकों की संस्कृति पर निशाना है…. और हमें नेटफ्लिक्स पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि, ”फिल्म में 20 से ज्यादा अश्लील गालियां शामिल हैं जिन्होंने मिस्र के परिवारों को झकझोर दिया है”। हालांकि, नेटफ्लिक्स ने डेढ़ घंटे लंबे फीचर को 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त नहीं बताया, हालांकि फिल्म में कोई अश्लीलता या सेक्स सीन शामिल नहीं है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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