Business
oi-Sagar Bhardwaj
नई दिल्ली, 30 जनवरी। बैंकिंग क्षेत्र अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख हिस्सा है। प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (पीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2040 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बैंकिंग हब हो सकता है और भारत का फिनटेक बाजार 2025 तक 6.2 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

महामारी के कारण भारत का बैंकिंग क्षेत्र बहुत कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है। बैंकों को मौजूदा हालात से उबरने में 24 से 36 महीने का समय लग सकता है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को इस महामारी से उबरने के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भारत का एकमात्र बैंक है, जो दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों में आता है। उचित बजट, सही कर और नियामक नीतियां बैंकिंग उद्योग को तेजी से विकास पथ पर वापस ला सकती हैं।
आने वाले केंद्रीय बजट 2022 में बैंकिंग क्षेत्र सकारात्मक संशोधनों और नीतियों की उम्मीद कर रहा है। मौजूदा समय में बैंक कर्ज देने से पीछे हट रहे हैं क्योंकि बैंकों के सामने सबसे बड़ी समस्या गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) है, जो निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को समान रूप से प्रभावित कर रही है। क्रेडिट ग्रोथ भी बैंकों के लिए एक बड़ी समस्या है। अगर बैंकों को खस्ताहालत से उबरना है तो ऋण देना शुरू करना होगा, जो उनकी आय का मुख्य स्रोत है और कंपनियां इसे कार्यशील पूंजी के रूप में प्राप्त कर सकती हैं। वित्तीय सेवा कंपनी ‘बैंक बाजार’ का कहना है कि पर्सनल लोन, कार लोन और होम लोन जैसे लोन की मांग में गिरावट आई है जिसने बैंकों की आर्थिक स्थिति को और खराब किया है।
यह भी पढ़ें: 40 करोड़ की सोने की ड्रेस पहन उर्वशी रौतेला ने अरब फैशन वीक में बिखेरा जलवा, बनीं ऐसा करने वाली पहली भारतीय

Union budget 2022 : Budget session कल से, वित्त मंत्री पेश करेंगी Economic Survey | वनइंडिया हिंदी
बैंकिंग क्षेत्र को इस बार बजट से काफी उम्मीदें हैं।
. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी बजट में बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं। मोदी सरकार का पूरा जोर डिजिटल इंडिया पर है, इसलिए सरकार बैंकिंग क्षेत्र के डिजिटल ढांचे को मजबूती देने के लिए कुछ नीतियों का ऐलान कर सकती है।
. इसके अलावा फिक्स्ड डिपॉजिट पर आयकर की दरों को कम करके सरकार का जोर बैंकिंग क्षेत्र को गति देने पर होगा।
. इस बजट से क्रिप्टोक्यूरेंसी डिजिटल मुद्रा के विभिन्न पहलुओं को कवर करने के लिए एक विशेष नियामक और कराधान व्यवस्था की शुरूआत की उम्मीद की जा सकती है।
. इसके अलावा होम लोन की ब्याज दर कर कटौती को मौजूदा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किये जाने की उम्मीद है, जिससे होम लोन को बढ़ावा मिलेगा, जोकि बैंकों की मजबूती के लिए एक बड़ा कदम होगा।
वित्तीय क्षेत्र अर्थव्यवस्था का स्तंभ है। बजट में इस तरह के नीतिगत उपाय बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने और मजबूत करने में काफी मदद करेंगे, अन्यथा बैंकिंग क्षेत्र के किसी भी नुकसान का प्रभाव अर्थव्यवस्था पर गहरा और लंबे समय तक चलने वाला होगा।
English summary
To strengthen the banking sector, these can be big announcements in this time’s budget
Story first published: Sunday, January 30, 2022, 18:12 [IST]
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

















