राजस्थान: पीबीएम अस्पताल में मेडिकल अवशेष मुंह में दबा घूम रहे कुत्ते, लिफ्ट भी चलती नहीं, ऐसे कैसे बनेगा निरोगी राजस्थान 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 28 Jan 2022 08:32 PM IST

सार

लिफ्ट खराब होने के कारण मरीजों को जांच कराने के लिए रैंप के जरिए पहली मंजिल से नीचे लाया जा रहा है, वह रैंप भी जगह-जगह से टूटी हुई है। 

मेडिकल अवशेष लेकर अस्पताल में घूम रहे कुत्ते।
– फोटो : अमर उजाला

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संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए यहां लगाई गईं दोनों लिफ्ट खराब पड़ी हैं। पीबीएम के जनाना अस्पताल में लगी लिफ्ट बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हो रही जिन्हें सोनोग्राफी या किसी दूसरी जांच के लिए पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ता है। परिजन स्ट्रेचर पर लिटा मरीज को रैंप से नीचे उतरते हैं। उधर, मर्दाना अस्पताल के पीबीएक्स के पास लगी लिफ्ट भी कई महीनों से खराब है। ऐसे में मरीजों को जांच कराने के लिए रैंप के जरिए नीचे लाया जा रहा है, लेकिन रैंप भी जगह-जगह से टूटे होने के कारण हादसा होने का डर हमेशा बना रहता है।  

हैरानी की बात तो यह भी है कि संभाग से सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में कुत्तों के आतंक से भी मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। यहां जनाना ओटी के बाहर कचरा पात्र रखे हुए हैं। इनमें ऑपरेशन या डिलीवरी के बाद मेडिकल अवशेष डाले जाते हैं। कुत्ते इन्हें मुंह में दबाकर अस्पताल परिसर के साथ-साथ वार्ड के अंदर भी घूम रहे हैं। 

कुत्ते टहलते रहते हैं, गार्ड बैठे रहते हैं
अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन इन्हें अस्पताल परिसर में घूम रहे कुत्ते नहीं दिखाई देते। वार्ड के भीतर भी कुत्ते टहलते रहते हैं और गार्ड बैठे रहते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज ने कहा कि यहां कुत्तों के कारण हम परेशान हो गए हैं। कुत्ते जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं साथ ही उनके काटने का भी डर भी बना रहता है।

विस्तार

संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए यहां लगाई गईं दोनों लिफ्ट खराब पड़ी हैं। पीबीएम के जनाना अस्पताल में लगी लिफ्ट बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हो रही जिन्हें सोनोग्राफी या किसी दूसरी जांच के लिए पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर आना पड़ता है। परिजन स्ट्रेचर पर लिटा मरीज को रैंप से नीचे उतरते हैं। उधर, मर्दाना अस्पताल के पीबीएक्स के पास लगी लिफ्ट भी कई महीनों से खराब है। ऐसे में मरीजों को जांच कराने के लिए रैंप के जरिए नीचे लाया जा रहा है, लेकिन रैंप भी जगह-जगह से टूटे होने के कारण हादसा होने का डर हमेशा बना रहता है।  

हैरानी की बात तो यह भी है कि संभाग से सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में कुत्तों के आतंक से भी मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। यहां जनाना ओटी के बाहर कचरा पात्र रखे हुए हैं। इनमें ऑपरेशन या डिलीवरी के बाद मेडिकल अवशेष डाले जाते हैं। कुत्ते इन्हें मुंह में दबाकर अस्पताल परिसर के साथ-साथ वार्ड के अंदर भी घूम रहे हैं। 

कुत्ते टहलते रहते हैं, गार्ड बैठे रहते हैं

अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन इन्हें अस्पताल परिसर में घूम रहे कुत्ते नहीं दिखाई देते। वार्ड के भीतर भी कुत्ते टहलते रहते हैं और गार्ड बैठे रहते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज ने कहा कि यहां कुत्तों के कारण हम परेशान हो गए हैं। कुत्ते जगह-जगह गंदगी फैलाते हैं साथ ही उनके काटने का भी डर भी बना रहता है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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