15 सालों से जेल में बंद था आतंकवादी, चिप्स के पैकेट में स्पर्म भेजकर कर दिए 101 बच्चे पैदा!

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15 सालों तक जेल में बंद

15 सालों तक जेल में बंद

रिपोर्ट के मुताबिक, जेल के अंदर स्पर्म बाहर भेजने का दावा करने वाला शख्स आतंकवाद के आरोप में पिछले 15 सालों से इजरायल की जेल में बंद था और फिलिस्तीनी मीडिया वॉच (पीएमडब्ल्यू) संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, इजलायल जेल में बंद इस शख्स ने अपने स्पर्म से कई बच्चों को जन्म दिया है। जेल के अंदर से स्पर्म की तस्करी करने वाले इस शख्स का नाम है रफत अल-करावी, जिसे इजरायल ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की वजह से पिछले 15 सालों से जेल में बंद कर रखा था और जेल से बाहर निकलने के बाद रफत अल-करावी ने सनसनीखेज दावे किए हैं।

रफत अल-करावी के दावे

रफत अल-करावी के दावे

रफत अल-करावी ने फिलीस्तीन के एक टीवी चैनल को दिए गये इंटरव्यू के दौरान अपनी जेल भरी जिंदगी को लेकर बातें की हैं, जिसमें उसने दावा किया है, कि जब वो जेल के अंदर बंद था, तो चिप्स के पैकेट्स में वो अपना स्पर्म जेल के बाहर भेजता था, जिससे चार बच्चों का जन्म हुआ है। हालांकि, मेडिकल साइंस का कहना है कि, शरीर से बाहर आने के बाद स्पर्म ज्यादा वक्त तक जिंदा नहीं रह पाते हैं, लेकिन रफत अल-करावी ने कहा है कि, वो जब जेल में बंद था, तो आलू के चिप्स के पैकेट में अपना स्पर्म बाहर भेजा करता था।

कैसे करता था स्पर्म तस्करी

कैसे करता था स्पर्म तस्करी

रफत अल-करावी ने टीवी इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि, स्पर्म की तस्करी वो जेल की कैंटीन से करता था। इंटरव्यू के दौरान रफत अल-करावी ने बताया कि, नियमों के मुताबिक, इजरायली जेल में बंद फिलिस्तीनी कैदी अपने परिवार के लिए कोई भी पांच चीजें जेल से बाहर भेज सकते हैं और इसी का फायदा उठाकर वो अपने स्पर्म जेल से बाहर भेजने में कामयाब रहा है। वहीं, फिलीस्तीनी मीडिया वाच ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है, कि रफत अल-करावी और अन्य कैदियों के स्पर्म से 101 बच्चों का जन्म हुआ है। आपको बता दें कि, रफत अल-करावी कुख्यात आतंकी संगठन ‘अल अक्स मरटायर्स ब्रिगेड’ का हिस्सा हुआ करता था और साल 2006 में उसे इजरायल में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते वक्त गिरफ्तार किया गया था।

स्पर्म तस्करी से 101 बच्चे

स्पर्म तस्करी से 101 बच्चे

आतंकी रफत अल-करावी ने फिलीस्तीन की सरकारी टीवी पर दिए गये इंटरव्यू के दौरान कहा है कि, वो पहले अपना स्पर्म निकालकर चिप्स के पैकेट में छिपा देता था और फिर उसे सील कर देता था। आतकी रफत अल-करावी ने कहा कि, बेहद प्रोफेशनल अंदाज में वो चिप्स के पैकेट को सील करता था, ताकि इजरायली पुलिस को भनक नहीं लग सके। आतंकी रफत अल-करावी ने कहा कि, कैंटीन से बाहर आने के बाद कैदियों के पास जो बैग होता था, उसकी इजरायली पुलिस जांच नहीं करते थे और उसे कैदियों ते अलावा कोई और छूता भी नहीं था, लिहाजा उसके लिए स्पर्म की तस्करी करना काफी आसान हो गया था। और फिर उन पैकेट्स को इजरायली अथॉरिटी उसके परिवारवालों को दे देते थे और उन्हें भनक भी नहीं लगता था, कि पैकेट्स में क्या छिपा हुआ है।

गर्भाधान सेंटर ले जाता था परिवार

गर्भाधान सेंटर ले जाता था परिवार

रफत अल-करावी ने कहा कि, जब उसके परिवार को पैकेट मिल जाता था, तब वो उसे ‘रजान मेडिकल सेंटर’ ले जाया जाता था, जो एक गर्भाधान केन्द्र है। जहां स्पर्म को उसकी पत्नी के अंदर डाल दिया जाता था। साल 2012 के बाद से ही इजरायली जेलों के अंदर से इसी तरह से स्पर्म की तस्करी की जा रही है और फिलीस्तीनी मीडिया वाच ने कहा है कि, कम से कम 100 से ज्यादा बच्चों की अभी तक जन्म जेल से तस्करी कर लाए गये स्पर्म से हो चुकी है। वहीं, कैद किए गए आतंकवादियों द्वारा पैदा हुए बच्चों का मुद्दा एक बहुत ही संवेदनशील फिलीस्तीनी मुद्दा है, जिसमें इजरायल, बच्चों के पितृत्व पर सवाल उठा रहे हैं।

पिछले साल फिल्म पर हुआ था बवाल

पिछले साल जॉर्डन में एक फिल्म ‘अमीरा’ के स्क्रीनिंग के दौरान बवाल होने के बाद फिल्म के स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसनें एक लड़की की काल्पनिक कहानी दिखाई गई थी, जिसमें लड़की, जेल में बंद अपने पिता का स्पर्म तस्करी के बाद जेल से बाहर लाकर गर्भवती हो गई थी, लेकिन उसकी जिंदगी में उस वक्त तूफान मच जाता है, जब खुलासा होता है कि, जिस स्पर्म से वो मां बनी है, असल में वो स्पर्म एक इजरायली गार्ड का है, जो जेल की सुरक्षा में लगा हुआ था और धोखे से दोनों का स्पर्म बदल जाता है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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