संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के कहा कि 5 जनवरी को पीएम मोदी के प्रस्तावित पंजाब दौरे की खबर मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 10 किसान संगठनों ने अजय मिश्रा टेनी की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर सांकेतिक विरोध की घोषणा की थी। कुछ किसानों को पुलिस ने फिरोजपुर जिला मुख्यालय जाने से रोका तो उन्होंने कई जगह सड़कों पर बैठ कर विरोध किया। इनमें से वो फ्लाईओवर भी था जहां पीएम का काफिला आया, रुका और वापस चला गया। एसकेएम के मुताबिक वहां के किसानों को इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं थी कि पीएम का काफिला गुजरने वाला है।
मोर्चा ने आगे कहा कि मौके के वीडियो से साफ है कि प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पीएम के काफिले की तरफ जाने की कोई कोशिश तक नहीं की। केवल बीजेपी का झंडा और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाता हुआ एक समूह पीएम के काफिले के पास पहुंचा था। इस वजह से पीएम की जान को खतरा वाली कहानी मनगढ़ंत है।
BHU क्रांतिकारी के अध्यक्ष ने कही ये बात
BHU क्रांतिकारी के अध्यक्षत सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि टेनी की गिरफ्तारी और अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन हो रहा था। दोपहर करीब 2 बजे उन्हें पता चला कि पीएम बठिंडा से सड़क मार्ग से आ रहे हैं। रैली के पास एक बड़ा हेलीपैड था। पुलिस ने कहा कि वो सड़क मार्ग से आ रहे हैं तो हमने सोचा कि पुलिस झूठ बोल रही है। इस वजह से उन्होंने रास्ता नहीं छोड़ा। अगर उन्हें पता होता तो वो रास्ते से हट जाते।
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