
जोधपुर । चान्दपोल के बाहर स्थित अति-प्राचीन परम् सिद्ध स्थान मिनका-नाडी़ की चमत्कारिक तपो-भूमि पर, पवित्र सरोवर के किनारे, पण्डि़त अशोक श्रीमाली गुरु द्वारा कालसर्प दोष निवारण का विशेष पुजन आज सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर करवाया गया ।
प्रवक्ता भानु कुमार दवे ने बताया कि जिस किसी व्यक्ति की जन्म पत्रिका में कालसर्प योग दोष होता हैं, उसके कार्य परोक्ष-अपरोक्ष रुप से बाधित होते रहते हैं व व्यक्ति अपने जीवन में योग्यता जैसी उन्नति नहीं कर पाता हैं । बनते काम बिगड़ते हैं और सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं की स्थित जातक के जीवन में बनी रहती हैं ।
प्रवक्ता ने बताया कि जातक के हाथों से ही माटी के नौ-नाग बनवा कर, नौ-नागकुलों का आव्हान कर उनका माटी के। नागों में स्थापन कर विधिवत् उनमें प्राण प्रतिष्ठा कर, उनका पुजन-अर्चन-तर्पण करा माटी के प्रतीक नागों का जल में विसर्जन करवाया गया । पुजन बिना किसी आड़म्बर के वास्तविक एवं गुरु परम्परा से प्राप्त प्राचीन गुप्त सिद्ध विधी व विशेष मंत्रो से करवाया गया जिस में बडी़ संख्या में जातकों ने भाग लिया ।
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