
जोधपुर । स्थानीय प्रज्ञा निकेतन छात्रावास में विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय वृहद करियर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर अतिथियों एवं वक्ताओं का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। बदलते समय के अनुरूप विद्यार्थियों को अपने कौशल का निरंतर विकास करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत भारती राजस्थान के संयोजक तुलसीराम व्यास ने की। उन्होंने संस्कृत विषय की बढ़ती उपयोगिता और रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल भी विकसित करने का आह्वान किया।
इतिहासकार डॉ. भगवान सिंह शेखावत ने शिक्षण एवं अकादमिक क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रानी दिद्दा, संत सूरदास और रवींद्र जैन जैसे प्रेरक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांग समाज ने अपनी प्रतिभा, संकल्प और इच्छाशक्ति से सदैव समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द के प्रयोग को समाज में सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।
तकनीकी विशेषज्ञ एवं उद्भव फाउंडेशन, जयपुर के संस्थापक चेतन शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल शिक्षा और AI का युग है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी दक्षता विकसित कर भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
विकलांग पुनर्वास एवं प्रशिक्षण संस्थान की अध्यक्ष डॉ. मीना बरडिया ने छात्रावास में संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां से शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर अनेक विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्रावास वार्डन डॉ. अरविंद कुमार जोशी ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. कर्मवीर सिंह एवं गजेंद्र सिंह ने किया।
उद्घाटन सत्र के बाद कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार शर्मा ने छात्रावास का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, शैक्षणिक वातावरण और संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रावास में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया।
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