इजराइल की तबाही के बाद गाजा पर मंडरा रहा नया ‘काल’, क्या होने वाली है जिंदगी जहन्नुम? – 24×7 Khabre Fatafat

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इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध से हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है. गाजा पर इजराइल का हमला और नाकेबंदी जारी है. इजराइली हमले स गाजा के निवासियों की हालत बद से बदतर होती जा रही है.

एयर स्ट्राइक से हर ओर विध्वंस दिख रहा है. लोगों का हाल बेहाल है. अस्पतालों में बिजली गुल हो गई है. चिकित्सा सेवा लगभग ठप पड़ चुकी है. इस स्थिति में अब गाजा में हैजा सहित संक्रामक रोगों का खतरा मंडराने लगा है. संक्रामक बीमारियों से लोगों की मरने की आशंका बढ़ती जा रही है. संक्रामक रोगों को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अगाह किया है.ऑक्सफैम और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल मानवीय सहायता नहीं पहुंचाई गई तो पानी और स्वच्छता सेवाओं के आभाव के कारण हैजा और अन्य घातक संक्रामक रोग फैल जाएंगे.हमास के हमले के बाद फिलिस्तीनी क्षेत्र की पूर्ण नाकाबंदी की घोषणा के बाद, इज़राइल ने गाजा के लिए अपनी पानी की पाइपलाइन को काट दिया, साथ ही पानी और सीवेज संयंत्रों को बिजली देने वाले ईंधन और बिजली को भी काट दिया है.

गाजा के लगभग सभी सीवेज पंपिंग स्टेशन बंद

गाजा के 65 सीवेज पंपिंग स्टेशनों और इसकी सभी पांच अपशिष्ट जल उपचार सुविधाओं में से अधिकांश का संचालन बंद है. ऑक्सफैम के अनुसार, अनुपचारित सीवेज अब समुद्र में छोड़ा जा रहा है, जबकि कुछ सड़कों पर दफन होने की प्रतीक्षा कर रहे शवों का अंबार लगा हुआ है.संयंत्रों ने काम करना बंद कर दिया है और नगर पालिकाएं बिजली की कमी के कारण आवासीय क्षेत्रों में पानी की सप्लाई करने में असमर्थ हैं. गाजा में कुछ लोग एन्क्लेव के एकमात्र जलभृत के खारे नल के पानी पर निर्भर हैं, जो सीवेज और समुद्री जल से दूषित है, या उन्होंने समुद्री जल पीने का सहारा लिया है. दूसरों को खेत के कुओं से पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है.संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वर्तमान में गाजा में पीने, कपड़े धोने, खाना पकाने और शौचालय को फ्लश करने सहित उनकी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन केवल तीन लीटर पानी उपलब्ध है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, किसी व्यक्ति को अपनी बुनियादी स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिदिन 50-100 लीटर पानी की जरूरत होती है.

स्वच्छ पेयजल बनी बड़ी समस्या

चैरिटी इस्लामिक रिलीफ के एक कर्मचारी, जिसे खान यूनिस में आश्रय मिला था, ने बताया, मेरे माता-पिता के घर में, लगभग 20 बच्चे और सात वयस्क रहते हैं. इतने सारे लोगों के साथ भी हम पानी बचाने के लिए शौचालय को दिन में केवल दो बार ही फ्लश करते हैं – एक बार सुबह, एक बार रात में.”

उसने बताया, “हमारे एक पड़ोसी के पास कुआं है, लेकिन उसके पास पानी पंप करने के लिए बिजली नहीं है. उनके पास जनरेटर तो है लेकिन ईंधन नहीं है. जिनके पास कोई आश्रय नहीं है, उनके लिए स्थितियां सबसे गंभीर हैं. उन्होंने कहा, ” कई परिवारों के बच्चे खुली सड़क पर बिना छत के रह रहे हैं. वे बिना सुरक्षा, पानी, भोजन या किसी भी चीज के सड़कों पर बैठे हैं. उनके पास कोई सुरक्षा नहीं है.

हैजा सहित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजराइली घेराबंदी के बाद गाजा के लिए पानी ‘जीवन और मृत्यु का मामला’ है ‘हम जाने के लिए तैयार हैं’ इस बात की आशंका बढ़ रही है कि इजराइली हवाई हमलों के बीच निर्जलीकरण और जलजनित बीमारियां मानवीय तबाही का कारण बनेंगी.

ऑक्सफैम में मानवतावादी नीति के प्रमुख मैथ्यू ट्रस्कॉट ने कहा कि उन्हें इस विचार से निराशा हुई कि सीमा पार कुछ किलोमीटर तक पानी और दवाओं का ढेर होने से बीमारियाँ फैल सकती हैं. उन्होंने कहा, “हैजा कई जलजनित बीमारियों में से एक है जो फैल सकती है – अगर हमें सहायता मिल सके, तो इसमें से बहुत सी बीमारियों को रोका जा सकता है.

This News is Updated by Khabre Fatafat
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