संभाग का प्रथम टोटल फीमर प्रत्यारोपण सफल संभाग का प्रथम टोटल फीमर प्रत्यारोपण सफल Rajasthan News,Jodhpur News, Jodhpur Crime,

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संभाग का प्रथम टोटल फीमर प्रत्यारोपण सफल

महात्मा गांधी अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने रचा इतिहास

जोधपुर,संभाग का प्रथम टोटल फीमर प्रत्यारोपण सफल। महात्मा गांधी अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने इतिहास रच दिया है। संभाग में पहली बार शरीर की सबसे बड़ी हड्डी (जांघ की हड्डी) फीमर को पूर्णतया प्रत्यारोपित कर दिया गया है। लोहावट निवासी 40 वर्षीय पालू देवी के जांघ की हड्डी में कैंसर था। 2015 में उसने विभाग में संपर्क किया था। उस समय उसका संपूर्ण कैंसर व कैंसर ग्रस्त भाग को हटाकर ट्यूमर प्रोस्थेसिस घुटना प्रत्यारोपण कर दिया गया था। तब से आज तक वह पूर्णतया स्वस्थ थी व अपना सभी कार्य कर पा रही थी।

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6 माह पहले उन्हें लगने की वजह से अचानक दर्द हुआ वह कार्य करने व चलने में तकलीफ होने लगी,उन्होंने पुनः डॉक्टर किशोर रायचंदानी से संपर्क किया,जिन्होंने उनका पूर्व में यह ऑपरेशन किया था। दवाइयों से आराम व फायदा न होने की स्थिति में उनकी संपूर्ण जांच की गई व इसमें पाया कि 8 वर्ष पुराना उसका जोड़ अब फीमर की हड्डी को तोड़कर बाहर आने को था क्योंकि बांकी बची छोटी सी फीमर बोन में इतना सामर्थ्य नहीं था कि इस जोड़ को किसी भी तरह से बचाया जा सके। अतः सिर्फ दो ही विकल्प बचे थे या तो पांव काट दिया जाए या उसे बचाने का प्रयास किया जाए। पालू देवी जो कैंसर से 8 साल से विजय प्राप्त कर चल फिर रही थी, पांव काटने का समाचार उस पर वज्रपात जैसा था उसने व उसके रिश्तेदारों ने इसके लिए स्पष्ट मना कर दिया। फिर प्रारंभ हुई इस चुनौती पूर्ण व महंगी सर्जरी की बुनियाद जो संभाग में कभी नहीं हुई थी। डॉ. किशोर रायचंदानी,डॉ.निरोत्तम सिंह व डॉ.मनोज की टीम ने गहन विचार विमर्श,अध्ययन कर इस सर्जरी की चुनौती को स्वीकार कर इसे करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी चिरंजीवी योजना की बदौलत तथा अधीक्षक डॉक्टर राजश्री बेहरा के भरपूर सहयोग से महंगे इंप्लांट की व्यवस्था हो गई व 9 सितंबर 2023 को RRCOT में इतने मुश्किल,चुनौतीपूर्ण परंतु मरीज के लिए जीवनदायक सर्जरी को मूर्त रूप दिया गया। इसकी बायोप्सी रिपोर्ट में भी अब कोई कैंसर का अवशेष शेष नहीं रहना बताया गया है। आज 2 सप्ताह से भी कम समय में पालू देवी अपने पांवो पर खड़ी है तथा चॉकर के सहारे से चलने में सक्षम है। उससे बात करने में उसकी खुशी दूर से ही झलकती है।

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ऑपरेशन में डॉ.किशोर रायचंदानी की टीम में डॉ. निरोत्तम सिंह, डॉ. मनोज रेहडू व रेजिडेंट डॉ.महेश अरोड़ा थे जबकि एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ.सरिता जनवेजा ने किया जिसमें डॉ.प्रमिला सोनी व डॉक्टर रश्मि जौहर शामिल थे। ओटी स्टॉफ में अजीत गुरनानी, गणपत तथा ज्ञान शामिल थे।एमजीएच अधीक्षक डॉ.राजश्री बेहरा ने पालू देवी से मिलकर खुशी जाहिर की व पूरी टीम को बधाई दी तथा इस तरह के असाध्य,जटिल रोगों का उपचार करने के लिए प्रेरित किया तथा सभी तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया।विभागाध्यक्ष डॉ.महेंद्र आसेरी ने बताया कि इस तरह का ऑपरेशन पूरे संभाग में पहली बार हुआ है,यह हमारे विभाग व कॉलेज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि उनके विभाग में सभी यूनिट्स में सभी तरह के जटिल ऑपरेशन किये जा रहे हैं एवं सभी तरह के रोगों के उपचार की सुविधा यहां उपलब्ध है।हमारा विभाग राज्य के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक्स विभागों में से एक है। प्रिंसिपल डॉ. दिलीप कच्छवाह ने महात्मा गांधी अस्पताल अस्थि रोग विभाग व टीम को बधाई दी तथा नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया।

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This News is Updated by Khabre Fatafat
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