भट्टी काण्ड को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने निकाला केण्डल मार्च भट्टी काण्ड को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने निकाला केण्डल मार्च Rajasthan News,Jodhpur News, Jodhpur Crime,

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भट्टी काण्ड को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने निकाला केण्डल मार्च

जोधपुर,भटटी काण्ड को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने निकाला केण्डल मार्च। कांग्रेस सरकार में भीलवाड़ा में हुए नाबालिग के साथ रेप कर भट्टी में झोंकने के विभत्स भटटी काण्ड को लेकर भाजपा जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सालेचा के नेतृत्व में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने जालोरी गेट चौराहे पर गहलोत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए केण्डल मार्च निकाला। इस अवसर पर महापौर वनिता सेठ,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रदेश संयोजक सोनिया रामचन्दानी,महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री इन्द्रा राजपुरोहित,महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कमलेश गोयल के सानिध्य में जालोरी गेट सर्कल पर केण्डल मार्च निकाला गया।इस दौरान जिलाध्यक्ष देवेन्द्र सालेचा ने कहा प्रदेश में बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपने खेत में पशुओं को चराने गई नाबालिग का रेप कर विभत्स एवं क्रूर तरीके से जिंदा भटटी में झोंक दिया जाता है परिवार ढूंढता है तो भट्टी के पास बदबू सेे पुष्टी होती है और वहां जली हुई हड्डियों के टुकड़े मिलते हैं। प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला है जिसे सुनकर हर प्रदेशवासियों की रूह कांप गई। गैर जिम्मेदार मुख्यमंत्री प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था को ढकने के लिए कहते हैं कि भाजपा अफवाह फैला रही है। गहलोत 2023 के चुनावी तैयारी में मशगूल हैं और महिला अपराध रोकने में बेबस और लाचार नजर आ रहें है।

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सालेचा ने कांग्रेस के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार के लोगों ने दुष्कर्म के काम किए चाहे जाहिदा खान के परिवार का मामला हो,जोहरी लाल मीणा के बेटे का हो,चाहे कठूमर विधायक बाबू लाल के भतीजे का सब पर दुष्कर्म के आरोप लग रहे हैं और सरकार लीपापोती कर देती है। कभी राजस्थान की पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस मानी जाती थी लेकिन गहलोत के कमजोर नेतृत्व के कारण पौने पांच सालों में क्राइम रोकने में फिसड्डी साबित हुई। थाने सत्ताधारी विधायक और मंत्रियों के दबाव में काम करते हैं, उसका ही परिणाम है कि आज राजस्थान महिला सुरक्षा में बदत्तर होता जा रहा है। जिलाध्यक्ष सालेचा ने कहा कि प्रदेश में महिला असुरक्षा की पराकाष्ठा हो चुकी है प्रतिदिन अखबार खोलते ही प्रदेश में हो रहें दुष्कर्म की घटना सबसे पहले सामने होती है और बेशर्म शासन और प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा है। मुख्यमंत्री ट्वीट करके कहते हैं कि दूसरे राज्यों के मुकाबले महिलाओं की स्थिति यहां बेहतर है जबकि आंकड़े इसके उलट हैं। 2018 के बाद 46 प्रतिशत महिला अपराध बढा और महिला उत्पीड़न के 45 हजार मामले दर्ज हुए,जिस पर मुख्यमंत्री गहलोत कहते हैं कि मुकदमे ज्यादा दर्ज करने के कारण मामले बढे हैं। मुख्यमंत्री शर्मनाक बयान देते हैं कि 56 प्रतिशत मामले झूठे व आरोपी परिजन होते हैं सरकार के वरिष्ठ मंत्री शांती धारीवाल सदन के पटल पर बलात्कार को मर्दानगी बताते हैं। इस अवसर पर दिनेश चौधरी,कविता कृष्णमूर्ति,मीना सांखला,ललिता सुखनानी, शशिकला मणिहार,उषा सोतवाल,प्रियंका त्यागी,आशा झाझड़िया,गीता भाटी,जसोदा गौड़, वनिता गौड़,नीता सोनी,पूजा सुराणा, मंजु मेवाड़ा,माधवी सोलंकी,कविता गौड़ सहित अनेक महिला कार्यकर्ता मौजूद थी।

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