Alwar: पं. प्रदीप मिश्रा से राजे ने लिया आशीर्वाद, बोलीं- यज्ञ के समापन में बारिश आई मतलब भगवान ने स्वीकर किया

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Vasundhara Raje took blessings from Pandit Pradeep Mishra in Alwar

प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लेतीं वसुंधरा राजे।
– फोटो : Amar Ujala Digital

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राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया आज अलवर पहुंचीं। अलवर में विजय नगर में चल रही महाशिवपुराण कथा में भाग लिया और यहां करीब एक घंटे बैठकर कथा सुनी। यह कथा पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनका आशीर्वाद लिया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि साधु संतों ने सनातन धर्म को देश-विदेश में फैलाने का काम किया है। जिसमें कथावाचक प्रदीप मिश्रा भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सनातन के लिए काम करने वाला कार्य सराहनीय है। मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने कहा कि साधु संतों के जो यज्ञ होते हैं, अगर उसके समापन पर बारिश आ जाए तो इसका मतलब है कि उस आयोजन और यज्ञ को भगवान ने स्वीकार कर लिया और मैसेज दिया है कि भगवान उनके साथ हैं। उन्होंने यह बात मीडिया से बात करते हुए कही। 

राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं हमेशा सक्रिय रहती हूं और मेरा सौभाग्य है कि साधु-संतों से में मिलती हूं। उनका आशीर्वाद मुझ पर रहता है। राजे ने कहा कि मैं शुरू से ही शिव के उपासक रही हूं और साधु संतों का आशीर्वाद मुझ पर सदैव रहा है और मैं जीवन के अंत तक धार्मिक कर्म करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि सावन के सोमवार में शिव जी को पूजने से प्रदेश समृद्ध होता है। खुशहाली आती है। इस तरह की कथाओं को सुनने के बाद युवाओं के मन में भी शिवजी के प्रति अच्छे विचार आते हैं। युवाओं का मन भी अब धर्म के प्रति बढ़ता जा रहा है। शिवजी के प्रति प्रगाढ़ आस्था हमेशा सुखद फल देती है।

सुख-दुख जिंदगी में आते रहते हैं, कभी हौसला नहीं खोना चाहिए

पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन का उदाहरण देते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि मनुष्य और मौसम हमेशा बदलते हैं और बहुत लोग ऐसे हैं जो विश्वास करते हैं और आगे बढ़ते हैं। हमेशा अच्छे कर्म करने से उनके आगे बढ़ने को कोई नहीं रोक सकता। सुख-दुख जिंदगी में आते रहते हैं, लेकिन आदमी को कभी हौसला नहीं खोना चाहिए।

विश्व में सबसे बड़ा धर्म है तो सत्य है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं से ओतप्रोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन और वाराणसी का कोरिडोर बनाकर मंदिरों तक गरीब की पहुंच भी आसान की है। उज्जैन और वाराणसी में हालात यह थे कि छोटी-छोटी गलियों से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता था, लेकिन कॉरिडोर बनने के बाद अब हर आस्थावान व्यक्ति वहां आराम से पहुंच सकता है। यह आस्था के केंद्र हमारी आस्था से जुड़े हुए हैं। अयोध्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर बन रहा है और विश्व में सबसे बड़ा धर्म है तो वह सत्य है। सत्य पर रहने वाले हमेशा निडर होते हैं।

इससे पहले धर्म सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस भीषण उमस बड़े माहौल में भारी संख्या में भक्तजन आए हैं। उन्होंने धर्म सभा में जनसैलाब का आभार व्यक्त किया और कहा कि भोले बाबा के सहारे मुझे दर्शन करने का सौभाग्य मिल रहा है। इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, अलवर शहर विधायक संजय शर्मा सभापति घनश्याम गुर्जर पूर्व मंत्री जसवंत सिंह यादव, डॉ. किरण यादव, जयराम जाटव सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने धर्म सभा को भी संबोधित किया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कथा समापन के बाद आरती में भी भाग लिया। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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