Jaipur: अमित शाह के झूठ पर तमतमाए सीएम गहलोत, बोले- गृह मंत्री ने किया गैर जिम्मेदाराना कार्य, जानें मामला

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CM Gehlot accused Amit Shah of lying in Udaipur meeting

अमित शाह और सीएम गहलोत।
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

गृहमंत्री अमित शाह के उदयपुर में भाषण में दिए गए उस बयान को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर झूठ बोलने और कन्हैयालाल टेलर के हत्यारों को एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने की बात कही। गृह मंत्री शाह ने कहा कि गहलोत सरकार तो कन्हैयालाल के हत्यारों को पकड़ना भी नहीं चाहती थी, उन्हें NIA ने पकड़ा था। शाह के इस बयान पर पलटवार करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्रीय गृहमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि कन्हैयालाल के हत्यारे रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को घटना के चार घंटे में ही राजस्थान पुलिस ने पकड़ लिया था। यह घटना 28 जून 2022 को हुई थी, जबकि एनआईए को इस मामले की जांच दो जुलाई को सौंपी गई थी। गहलोत ने ट्वीट कर NIA को जांच सौंपने का ऑर्डर भी सार्वजनिक कर दिया है, जिसके बाद बीजेपी अब बैकफुट पर आ गई है।

अमित शाह ने यह कहा था 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उदयपुर की जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि कन्हैयालाल हत्याकांड पर गहलोत राजनीति कर रहे हैं और हत्यारों को पकड़ना भी नहीं चाहते थे। NIA ने हत्यारों को पकड़ा। गहलोत झूठ बोलते हैं कि कार्रवाई नहीं हुई। मैं डंके की चोट के साथ कहता हूं कि स्पेशल कोर्ट में सुनवाई की होती तो हत्यारे फांसी पर लटक चुके होते। जयपुर ब्लास्ट के आरोपियों की सुनवाई के लिए गहलोत सरकार के एडवोकेट जनरल के पास समय ही नहीं है।

सीएम गहलोत का ट्वीट

सीएम गजलोत ने ट्वीट कर लिखा- उम्मीद की जाती है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं करेंगे, परंतु आज उदयपुर में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो किया वह एक गैर जिम्मेदाराना कार्य है। अमित शाह ने उदयपुर में झूठ बोला कि कन्हैयालाल के हत्यारों रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को NIA ने पकड़ा, जबकि सत्य यह है कि इन्हें घटना के महज चार घंटों में राजस्थान पुलिस पकड़ लिया था। यह दुखद घटना 28 जून 2022 को हुई थी। जबकि NIA को इस केस की फाइल 2 जुलाई 2022 को ट्रांसफर हुई। अमित शाह को संभवत: जानकारी में होगा कि ये दोनों हत्यारे भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उन्हें ये जांच करवानी चाहिए कि इन दोनों के मददगार कौन भाजपा नेता थे, जो इनके लिए पुलिस थानों में फोन करते थे। एक ओपन एंड शट केस में चार्जशीट फाइल होने में भी इतना अधिक समय क्यों लगा और इन्हें अब तक सजा क्यों नहीं हुई?

This News is Updated by Khabre Fatafat
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