Rajasthan: मैस बहिष्कार कर रहे जेल प्रहरी कर्मचारियों का धरना खत्म, आश्वासन के बाद ज्यूस पीकर तोड़ा अनशन

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Rajasthan Jail guard employees boycotting the mess end their fast drink juice after assurance

जेल प्रहरी कर्मचारियों का धरना खत्म
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के बैनर तले दिनांक 21 जून 2023 से राज्य भर के जेल प्रहरी मेस का बहिष्कार करते हुए जेलों में कार्य कर रहे थे। अन्नत्याग के कारण लगभग 1200 कर्मचारी सभी जिला अस्पतालों में भर्ती हो गए हैं।  आज डीजी जेल ने जेल प्रहरियों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा ने भी प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की। उन्होंने कहा कि आपकी भत्तों से संबंधित फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई है। जिसके जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे और ग्रेड पे संबंधित मामला खेमराज कमेटी में निस्तारण होने की सहमति जताई। उन्होंने आश्वस्त किया कि सीएम द्वारा बस पास, हार्ड ड्यूटी एलाउंस, रिस्क एलाउंस के आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

जेल डीजी के लिखित आश्वासन के बाद 15 दिन के लिए मैस बहिष्कार स्थगित…

गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जेल महानिदेशक के लिखित आश्वासन के बाद सभी ने सर्व सहमति से 15 दिन के लिए मेस बहिष्कार स्थगित कर दिया और कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

क्या हैं प्रमुख मांगें?

  • जेल प्रहरियों और कार्मिकों का कहना है कि कारागार विभाग में प्रहरी से मुख्य प्रहरी पद का वेतनमान 1988 से 1998 तक पुलिस विभाग के कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के समान था। लेकिन वित्त विभाग ने एक मार्च 1998 को पुलिस विभाग के कार्मिकों का वेतनमान संशोधन किया। संशोधन के बाद जेल विभाग के कार्मिकों के वेतनमान में असमानता उत्पन्न हुई।
  • अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि 2017 में समस्त जल कार्मिकों ने मैस का बहिष्कार कर भूखे रहकर ड्यूटी का  निर्वहन किया, जिसके बाद राज्य सरकार और जेल विभाग के उच्च अधिकारियों के मध्य नौ जुलाई 2017 में लिखित समझौता किया गया। 
  • इसमें जेल कार्मिकों का वेतन पुलिस विभाग के समान करने की सहमति दी गई थी, जिसकी पालना आज तक नहीं हुई। 13 जनवरी 2023 से कर्मचारी महासंघ एकीकृत के बैनर तले राज्य के समस्त कर्मचारियों ने मैस का बहिष्कार कर अन्न का त्याग कर ड्यूटी का निर्वहन किया। तब मुख्यमंत्री ने 18 जनवरी 2023 को तत्कालीन जेल DG भूपेंद्र कुमार दक और जेल प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की, जिसमें गृह सचिव वी. सरवन कुमार, प्रमुख शासन सचिव आनंद कुमार, सीएम सलाहकार आरती डोगरा, वित्त सचिव अखिल अरोड़ा और सीएमओ के अन्य अधिकारियों के साथ जेल कार्मिकों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक सहमति और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
  • आश्वासन के साथ ही जेल कार्मिकों ने मैस बहिष्कार तोड़ा था। मुख्यमंत्री और कारागार विभाग के प्रतिनिधि मण्डल के मध्य हुई समझौता वार्ता में मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख का आश्वासन देते हुए वर्ष 1998 से चली आ रही वेतन विसंगति को अविलम्ब दूर करने के निर्देश किए और इसके संबंध में मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया ट्विटर, फेसबुक, इन्स्टाग्राम पर भी संदेश को प्रसारित किया गया।
  • 24 अप्रैल 23 को भी दोबारा सीएम आवास पर जयपुर जेल कार्मिकों ने एक ज्ञापन देकर ध्यान आकर्षण किया, जिसके संबंध में आज तक भी वेतन विसंगति दूर होने का आदेश नहीं जारी किया गया। इसके कारण सभी जेल कार्मिकों में भारी रोष है।
This News is Updated by Khabre Fatafat
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