Rajasthan: गहलोत का पायलट पर निशाना, बोले- आलाकमान इतना कमजोर नहीं कि नेता को मनाने के लिए पद ऑफर करने लगे

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Gehlot said that the high command is not so weak that it started offering posts to persuade the leader

पत्रकारों से वार्ता करते सीएम अशोक गहलोत।
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठक के लिए सीएम अशोक गहलोत पहुंचे हुए हैं। वहां गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिए बिना ही उन पर निशाना साधते हुए कहा है कि कांग्रेस आलाकमान अभी इतना कमजोर नहीं हुआ है कि वो किसी नेता को मनाने के लिए कोई पद ऑफर करे या कोई नेता ऐसे कहे कि मैं ये नहीं वो पद लूंगा।

कांग्रेस हाईकमान की ओर से सचिन पायलट को फिर से पीसीसी चीफ और कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी चेयरमैन का पद ऑफर किए जाने की खबरों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिरे से खारिज कर दिया है। गहलोत ने दिल्ली में मीडिया से रूबरू होकर कहा कि मीडिया में जो खबरें आ रही हैं उनके कोई दम नहीं है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- “इस तरह के फार्मूले मैंने अपनी जिंदगी में कभी सुने नहीं हैं कि कोई भी नेता कोई चीज मांगे कि मुझे यह मिल जाए या हाईकमान उनको ऑफर करें कि आप कौन सा पद लोगे? ऐसा रिवाज मैंने तो कांग्रेस में जिंदगी में कभी देखा नहीं है। जितने आपके मीडिया वाले स्टोरी बनाते रहते हैं या लोग बनवाते रहते होंगे, उसमें कोई दम नहीं होता है। हाईकमान मजबूत आज भी है। कांग्रेस पार्टी आज भी इतनी मजबूत है कि ऐसी स्थिति नहीं आई है कि आप किसी को मनाने के लिए ऑफर करो कि आप कौन सा पद स्वीकार करोगे। ऐसा आज तक जिंदगी में कभी हुआ नहीं है, न कभी होगा। कांग्रेस आज भी बहुत मजबूत संगठन है और हाईकमान आज भी मजबूत है।

किसी कार्यकर्ता में इतनी हिम्मत नहीं कांग्रेस हाईकमान से कह दे मैं ये नहीं वो पद लूंगा

सीएम गहलोत ने कहा- “न किसी कार्यकर्ता में इतनी हिम्मत है कि वह कांग्रेस हाईकमान के सामने कह दे कि मैं ये नहीं वो पद लूंगा। इसलिए यह सब खबरें अखबारों में चलती रहती हैं या लोग चलाते रहते होंगे, इनमें कोई दम नहीं है।”

गहलोत के बयान के सियासी मायने

सीएम गहलोत ने सचिन पायलट पर फिर से निशाना तब साधा है। जब कांग्रेस हाईकमान ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने और गहलोत-पायलट विवाद का निपटारा करने के लिए दोनों नेताओं और राजस्थान के टॉप कांग्रेस लीडर्स को मीटिंग में बुलाया है। गहलोत के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वह सचिन पायलट की मांगें मानने को तैयार नहीं हैं। न ही वह सचिन पायलट किसी पद पर देखना चाहते हैं। दूसरा सीएम अशोक गहलोत ने सचिन पायलट खेमे का मनोबल तोड़ने और उन्हें उत्तेजित करने की भी कोशिश की है। तीसरा गहलोत ने मीडिया के जरिए पब्लिक में यह मैसेज देने की कोशिश की है कि कांग्रेस हाईकमान ने इस तरह से सचिन पायलट को किसी तरह का पद ऑफर नहीं किया है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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