Jaipur: 6-डी के संबंध में शिक्षक संगठनों की शिक्षा निदेशक से वार्ता, 26 हज़ार शिक्षक होंगे इधर-उधर

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Talks with the Director of Education of teachers' organizations regarding the action of 6-D

राजस्थान में शिक्षा विभाग
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

राजस्थान में शिक्षा विभाग में चल रही 6-डी की कार्रवाई को रोकने के लिए शुक्रवार को राजधानी जयपुर में स्थित शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों की शिक्षा निदेशक से वार्ता हुई। शिक्षक नेताओं ने का 26000 शिक्षक इधर से उधर होंगे। इसलिए इस पर तत्काल रोक लगाई जाए और ट्रांसफर नीति से ही शिक्षकों की पोस्टिंग लगाई जाए। राजस्थान में 6-डी कार्रवाई से 26 हज़ार शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में जाएंगे। इस पर शिक्षक संगठनों के सभी प्रतिनिधियों ने रोक लगाने और माध्यमिक शिक्षा में स्थानांतरण से पद भरने की मांग सरकार से की है। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों शिक्षा मंत्री से संगठनों के प्रतिनिधियों की वार्ता के बाद शिक्षा मंत्री ने निदेशक को संगठन पदाधिकारियों से वार्ता के लिए निर्देश दिए थे, जिसके बाद शुक्रवार को शिक्षा निदेशक ने राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ, राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय), राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील), राजस्थान शिक्षक संघ(शेखावत) के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए शिक्षा संकुल बुलाया।

26 हज़ार शिक्षक प्रारम्भिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में जाएंगे

राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि 6 डी कार्रवाई से 26 हज़ार शिक्षक प्रारम्भिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में जाएंगे। इस पर शिक्षक संगठनों के सभी प्रतिनिधियों ने रोक लगाने और माध्यमिक शिक्षा में स्थानांतरण से पद भरने की मांग की। शिक्षा निदेशक ने संगठनों के प्रतिनिधियों और निदेशालय के अधिकारियों को सोमवार को निदेशालय में पदों की अंतिम गणना करने के लिए बुलाया है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। इन शिक्षक संगठनों की वार्ता का इंतजार सभी जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं। इस कारण कई जिलों में अधिशेष शिक्षकों की सूची भी जारी नहीं की गई है।

चुनावी साल में सरकार भी शिक्षकों से नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती

दरअसल 6 महीने बाद प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं। लाखों की संख्या में शिक्षक प्रदेश में कार्यरत हैं। चुनावी साल में सरकार भी नहीं चाहती कि इन शिक्षकों को इधर से उधर कर परेशान किया जाए। क्योंकि इससे बड़ा वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। इन शिक्षकों के साथ ही उनके परिवार, स्कूली बच्चे और पैरेंट्स भी प्रभावित होते हैं। इसीलिए सरकार शिक्षकों से वार्ता कर रास्ता निकालना चाह रही है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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