Dholpur: काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना को मिली हरी झंडी, 12 महीने किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

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Kali Teer Chambal lift project gets green signal in Dholpur

काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

धौलपुर में वर्ष 2012 से काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना के लिए विधायक गिर्राज सिंह द्वारा किए गए प्रयास आखिर में रंग लाए हैं। राज्य सरकार ने विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की मांग पर 642 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी कर हैदराबाद की फर्म को निर्माण कराने के वर्क आर्डर जारी किए हैं। परियोजना को धरातल पर लागू होने से बाड़ी, धौलपुर और बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर देखी जा रही है। किसानों को 12 महीने सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।

परियोजना को लेकर बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने बताया बाड़ी और बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र का किसान पानी के अभाव में भारी परेशान था। पीने के पानी के साथ सिंचाई के लिए भी किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी। उन्होंने बताया विगत कई वर्षों से किसानों की समस्या को लेकर गंभीर रहे थे। उन्होंने बताया वर्ष 2012 से काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना को लागू कराने के प्रयास कर रहे थे। 

वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार से पुरजोर मांग की गई थी, लेकिन हालात परिस्थिति अनुकूल नहीं होने पर सरकार चली गई। विधायक ने बताया 2013 के बाद वसुंधरा सरकार में भी उन्होंने इस योजना को धरातल पर लागू करने की मांग उठाई थी। विधायक मलिंगा ने बताया उनके अथक प्रयासों द्वारा राज्य सरकार ने काली काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना को हरी झंडी दी है। राज्य सरकार ने 642 करोड़ की हाल ही में वित्तीय स्वीकृति जारी कर हैदराबाद की फर्म जीवीपीआर इंजीनियर लिमिटेड को वर्क आर्डर जारी किए हैं। विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने बताया फर्म द्वारा 24 नवंबर 2025 तक कालीतीर चंबल परियोजना का निर्माण कार्य पूरा करना होगा। बाड़ी ,बसेड़ी एवं धौलपुर के 483 गांव के किसान पानी से लाभान्वित होंगे। किसान और ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह से खुशहाल हो जाएगा।

किसानों में हर्ष की लहर, 12 महीने पानी मिलने से खेती उगलेगी सोना

काश्तकारों ने बताया विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की मांग पर राज्य सरकार ने काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना को वित्तीय स्वीकृति जारी कर हरी झंडी दी है। इससे किसानों में भारी हर्ष देखा जा रहा है। किसानों ने बताया जिले में अधिकांश किसान सिंचाई के अभाव में रवि और खरीफ की दो ही फसल अर्जित कर पाते थे। पानी के अभाव में किसानों को निजी ट्यूबवेल या भाड़े पर भी पानी खरीदना पड़ता था। डीजल की महंगाई एवं बिजली के दाम अधिक होने के कारण खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही थी। अब काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना धरातल पर लागू होने से किसानों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया अब किसान रवि, खरीफ फ़साल के साथ अन्य फसलें भी उगा सकता है। 12 महीने सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से निश्चित तौर पर खेती सोना उगलेगी। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ समूचा इलाका भी खुशहाल होगा।

भूजल स्तर में भी होगा इजाफा

काली तीर चंबल लिफ्ट परियोजना के शुरू होने के बाद भूजल स्तर में भी भारी इजाफा होगा। विशेषकर डांग क्षेत्र में पानी का भारी अभाव देखा जाता है। पानी के अभाव में पशुपालक गर्मियों के सीजन में डांग क्षेत्र से पलायन कर पशुओं को पालने के लिए सिंचित एरिया में पहुंच जाते हैं। डांग क्षेत्र में पानी मिलने के साथ भूजल स्तर में भी भारी इजाफा देखने को मिलेगा।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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