Jaisalmer: अधिकारियों की लापरवाही से पंचायती राज के 10 हजार करोड़ अटके, सरपंचों को करना होगा छह माह इंतजार

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Due to the negligence of officials in Jaisalmer, 10 thousand crores of Panchayati Raj stuck

जैसलमेर जिला परिषद
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

जैसलमेर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर इन दिनों जिले की समस्त पंचायत समितियों के सरपंचों द्वारा लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है। लापरवाही की वजह से जिले की सात पंचायत समितियों के सरपंचों के साथ आमजन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

सरपंचों के साथ CEO पर मंत्री ने भी लगाए आरोप

सरपंचों के साथ अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद ने भी सीईओ पर कार्य के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसका खामियाजा सातों पंचायत समितियों के सरपंचों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सीईओ पर आरोप लगाया कि मनरेगा की निर्माण सामग्री के भुगतान का सीईओ द्वारा समय पर सत्यापन नहीं किया गया। सातों पंचायत समितियों में एसएफसी, टीएफसी और विधायक मद से होने वाले कार्यों का भी सत्यापन नहीं किया गया है।

10 हजार करोड़ रुपये का अटका भुगतान

दो साल से 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान अटका पड़ा है। ऐसे में स्थानीय लोगों को धरातल तक सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जहां एक अधिकारी की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।

आगामी छह माह तक नहीं होगा भुगतान

वहीं, दूसरी ओर सरपंच भी पिछले दो सालों से अधिकारी के आगे पीछे चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अधिकारी की लापरवाही के कारण दो साल से यह 10 हजार करोड़ रुपये अटका पड़ा है। वहीं, इन सरपंचों को और आगामी छह माह तक यह भुगतान पाने के लिए परेशान होना पड़ेगा।

अधिकारी को दायित्वों निभाने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मात्र एक अधिकारी की लापरवाही के कारण पूरे जिले की जनता को परेशानी हो रही है। सरपंचों को दो साल से भुगतान नहीं मिल रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में धरातल पर सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी अपने कर्तव्यों और दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करें।

समीक्षा बैठक में मामला आया सामने

केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद ने बताया कि हाल ही में जिला मुख्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में सामने आया कि मात्र सीईओ की लापरवाही के कारण पिछले दो साल से मनरेगा की सामग्री के 10 हजार करोड़ रुपए अटके पड़े हैं। इसके कारण सरपंचों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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