
सरकार के खिलाफ हनुमान बेनीवाल का प्रदर्शन।
– फोटो : Amar Ujala
दिल्ली में जंतर मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरने के मामले में गुरुवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। पार्टी ने ज्ञापन में बताया की अनेक देशों में भारत का नाम रोशन करने वाले पहलवान आंदोलित है और कुश्ती की महिला खिलाड़ियों द्वारा रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े एक पदाधिकारी पर यौन शौषण जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बावजूद इसके भारत सरकार मामले में चुप है।
देश के लिए दुर्भाग्य है
पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि दुर्भाग्य इस बात का है की बेटियों को बढ़ावा देने की बात कहने वाली सरकार देश के लिए मेडल जीतने वाले पहलवानों के आंदोलन को अनदेखा कर रही है और मुकदमा तक दर्ज नहीं होने दिया जा रहा है। जनवरी में मामले को लेकर आंदोलन कर रहे पहलवानों को केंद्र सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा की देश एक तरफ आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ न्याय मिलना तो दूर देश के लिए मेडल जीतने वाले पहलवानों की मांग पर प्रथम सूचना रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
एफआईआर तक दर्ज नहीं हो पा रही
बेनिवाल ने कहा कि आज मांग रखना लोकतंत्र में सबका अधिकार है। मगर एफआईआर तक दर्ज नहीं होना यह इंगित कर रहा है कि भाजपा कुस्ती संघ के पदाधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि बुधवार को सांसद हनुमान बेनीवाल दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना स्थल पर पहुंचे थे, उन्होंने पहलवानों के धरने को समर्थन दिया था।
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