Rajasthan: जोधपुर डिस्कॉम के तहत बाड़मेर में घोटाला, कॉलोनाइजर से 15 हजार की डिमांड लेकर 47 लाख का काम किया

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Scam in Barmer under Jodhpur Discom took demand of 15 thousand from colonizer and did work of 47 lakhs

इस तरह लगाए गए बिजली के पोल।
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का बाड़मेर में एक बड़ा घोटाला सामने आया है । जिसमें डिस्कॉम के कार्मिकों ने कॉलोनाइजर से बड़ी रिश्वत लेकर 15 हजार की डिमांड लेकर 47 लाख रुपए का काम कर दिया। इस मामले के खुलासे के बाद नीचे से लेकर ऊपर के अधिकारियों के शामिल होने के चलते मामले को दबाने के प्रयास चल रहे हैं।

47 लाख काम डिमांड सिर्फ 15 हजार 

बाड़मेर डिस्कॉम के सिटी-2 फीडर में एक कॉलोनाइजर द्वारा 25 बीघा जमीन में सिर्फ एक प्लॉट का शपथ पत्र देकर विद्युत कनेक्शन हेतु आवेदन किया और जेईएन ने बड़ी रिश्वत लेकर अवैध कॉलोनी में विद्युतीकरण करने को लेकर 16 जनवरी को 15140 रुपये का डिमांड भरवाकर स्टोर से 50 से ज्यादा विद्युत पोल निकालकर कार्य शुरू कर दिया। जब इस मामले की जानकारी 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे सहायक अभियंता को लगी तो 22 मार्च को उसने अधीक्षण अभियंता को एक पत्र लिखकर सामान एवं काम रुकवा दिया। इसके बाद 23 मार्च को आनन-फानन जेईएन द्वारा 4723550 रुपये का संसोधित डिमांड एस्टीमेट बनाकर  डिमांड नोट जारी करते कर जमा करवाने को कहा गया लेकिन कॉलोनाइजर द्वारा इतनी बड़ी राशि भरने से इनकार कर दिया।

कॉलोनाइजर द्वारा दिए गए शपथ एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र तक एवं हस्ताक्षर तक जाली

कॉलोनाइजर द्वारा आवेदन की गई जमीन पर अपना पक्का मकान एवं निवास बताया गया है जिसमें उसने नियमानुसार लाइट फिटिंग IER-1956 एंव इलेक्ट्रिसिटी रूल 2005 के तहत परीक्षण भी करवाने का शपथ पत्र पेश किया। लेकिन बड़ी बात की जब मौके पर कोई निर्माण ही नही है तो लाइट फिटिंग कहा करवाई और परीक्षण किसका करवाया और नियमों के अनुसार विद्युत कनेक्शन देने हेतु स्थानीय सरपंच पार्षद पटवारी या ग्रामसेवक से अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होता है।लेकिन कॉलोनाइजर द्वारा कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है बावजूद इसके डिस्कॉम द्वारा पूरी कॉलोनी में विद्युतीकरण का काम शुरू कर दिया गया।

पत्रावली पर संबंधित अधिकारी के साइन तक नहीं

इस पूरे मामले में विद्युत कनेक्शन के आवेदन से लेकर जारी समस्त पत्रावली में सहायक अभियंता के हस्ताक्षर तक नहीं है ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या सहायक अभियंता की जानकारी के बिना स्टोर से इतनी बड़ी संख्या में पोल उठा लिए गए एवं रातों-रात कॉलोनी में विद्युतीकरण का कार्य कर दिया गया।

खुलासे के बाद दिए जांच के आदेश

मामले के खुलासे के बाद बाड़मेर संभाग के मुख्य अभियंता ने पूरे मामले में जांच कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए ऐसे में बताया जा रहा है कि जांच कमेटी द्वारा जांच पूर्ण कर दी गई है इस मामले में सिटी-2 एक कनिष्ठ अभियंता के साथ उच्चाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है ऐसे में अपने अधीनस्थ कार्मिकों को इकठ्ठा कर कार्य के बहिष्कार व हड़ताल की चेतावनी देकर मुख्य अभियंता एवं जांच कमेटी पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

कार्रवाई की अनुशंसा की गई

नरेंद्र कुमार जोशी, मुख्य अभियंता  जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बाड़मेर संभाग ने कहा कि इस मामले में गठित की गई जांच कमेटी की रिपोर्ट आ गई है। जिसमें स्वीकृति जारी करने में अनियमितताएं सामने आई हैं। जिले लेकर लेकर निगम कार्यालय जोधपर को कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गयी है, जल्द ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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