Udaipur: ईडाणा माता मंदिर में 12 महीने बाद हुआ अग्निस्नान, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, जानें क्या है मान्यता

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ईडाणा माता मंदिर में अग्निस्नान

ईडाणा माता मंदिर में अग्निस्नान
– फोटो : Amar Ujala Digital

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उदयपुर में ईडाणा माता ने स्वयं अग्निस्नान कर नवरात्र पर भक्तों को अद्भुत दर्शन दिए। नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार शाम 4:30 बजे अचानक मंदिर में प्रतिमा के पास अग्नि प्रस्फुटित हो गई। माता के अग्निस्नान की सूचना मिलते ही आस पड़ोस के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए मंदिर पहुंच गई। करीब आधा घंटे तक माता का अग्निस्नान हुआ। ईडाणा माता ने इससे पहले करीब एक साल पहले अग्नि स्नान किया था।

प्राकृतिक तौर पर माता की प्रतिमा के पास आग लगती है

अग्नि स्नान के बाद ईडाणा माताजी को नया शृंगार कराकर झांकी सजाई गई। इस अग्नि स्नान का कोई समय तय नहीं होने के कारण सभी लोगों को ये दुर्लभ दर्शन नहीं हो पाते हैं। मंदिर में प्राकृतिक तौर पर माता की प्रतिमा के पास आग लगती है और वह अग्नि माता की चुनरी, वस्त्र, शृंगार सामग्री और मंदिर के अंदर की सजावट को जलाकर भस्म कर देती है, लेकिन माता की प्रतिमा पर अग्नि का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसे भी श्रद्धालु चमत्कार मानते हैं।

मान्यता यह है कि मेवल की महारानी के नाम से प्रसिद्ध ईडाणा माता समय-समय पर अग्निस्नान करती रहती हैं। मेवल क्षेत्र में करीब 52 गांव आते हैं। जिसमें से ईडाणा भी एक गांव है। जहां मंदिर बना है। अग्निस्नान के दर्शन करने वाले भक्त खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं।

लकवा रोगी ठीक होते हैं और संतान प्राप्ति होती है

मां ईडाणा ने इससे पहले पिछले साल 28 मार्च 2022 को अग्नि स्नान किया था। तब से करीब 12 महीने से ज्यादा वक्त के बाद अब यह अग्निस्नान सम्पन्न हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले 9 मार्च 2021 और उसके 5 दिन बाद 14 मार्च 2021 को भी अग्निस्नान हुआ था, जबकि साल 2020 में माता ने अग्नि स्नान नहीं किया था। 2019 में भी 2 बार अग्निस्नान हुआ था। अब तक अग्नि स्नान मार्च महीने में ही होते आए हैं।

रोग ठीक होते हैं

मान्यता है कि यहां दर्शन से लकवा रोगी ठीक हो जाते हैं। यह मंदिर उदयपुर शहर से 60 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा हुआ है। मंदिर प्रतिमा के पीछे कई त्रिशूल भी लगे हैं। जो श्रद्धालु और माता के भक्त ही मन्नत मानकर यहां चढ़ाते हैं। संतान की कामना रखने वाले भक्त यहां झूले भी चढ़ाते हैं। ईडाणा माता मंदिर परिसर में मां का दरबार, अखंड ज्योति दर्शन, धुनी दर्शन, रामदेव मंदिर और बड़ी भोजनशाला भी है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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