दरअसल, देवर को नौकरी देने, शहीद के नाम पर किसी संस्था का नाम रखने और शहीद की प्रतिमा लगाने जैसी मांगों को लेकर पुलवामा हमले में शहीद हुए रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट सहित अन्य दो वीरांगना मधुबाला मीणा और सुंदरी देवी गुर्जर जयपुर में धरने पर बैठी थीं। 9 मार्च की देर रात पुलिस ने अलग-अलग एंबुलेंस से तीनों वीरांगनाओं को उनके घर छोड़ा। मंजू जाट को भी उनके गांव गोविंदपुरा बासड़ी छोड़ा गया, लेकिन कुछ देर बात उन्हें अमरसर पीएचसी में भर्ती करवाया गया था।
इसके बाद से मंजू का कुछ पता नहीं चल रहा था, उनके परिवार वालों ने पुलिस पर मंजू को गायब करने के आरोप लगाए थे। इसी बीच रविवार को मंजू जाट का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह बीमार दिख रही हैं, पत्रकारों के सवाल पर वह बोलने की कोशिश करती हैं, लेकिन कुछ भी बोल नहीं बोल पा रही हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये वीडियो कहां का है। मंजू का ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
शहीद रोहिताश्व लांबा की पत्नी मंजू जाट को पुलिस ने इतना मारा है कि बोल भी नहीं पा रही। इतनी प्रताड़ना तो अंग्रेज भी नहीं देते थे। मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी आपको वीरांगनाओं की मांगें नहीं माननी हैं तो मत मानिए, लेकिन आपकी पुलिस को इन पर अत्याचार करने का अधिकार किसने दिया? pic.twitter.com/oLU7i6DuCD
— Dr.Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) March 12, 2023
9 मार्च को धरना स्थल से जबरन उठाकर पुलिस ने वीरांगना सुंदरी देवी को भरतपुर के नगर अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार देर रात पुलिस की टीम एंबुलेंस से वीरांगना सुंदरी, उनके देवर विक्रम को अस्पताल से उनके घर सुंदरावली लेकर पहुंची थी।
अगले दिन सुबह तक पूरा गांव छावनी में बदल गया। पुलिस के आला अधिकारी भी घर में मौजूद थे, वीरांगना को किसी से मिलने की इजाजत नहीं थी। महिला पुलिस की टीमें अभी वीरांगनाओं को घेरे हुए है। सुंदरी देवी के घर के बाहर दो थानों के पुलिसकर्मी पहरा दे रहे हैं। इनमें थाना इंचार्ज सहित करीब 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। कुछ को वर्दी में तैनात किया गया है तो कुछ सिविल ड्रेस में भी मौजूद हैं।
सुरक्षा या नजरबंदी के इंतजाम ऐसा है कि गांव भी हैरान हैं। सुंदरी देवी के घर के बाहर पुलिस की कारें, वज्र वाहन और एंबुलेंस भी खड़ी हुई है। हालांकि, सुंदरी देवी का कहना है कि मेरी तबीयत बिल्कुल ठीक है। मुझे कोई बीमारी नहीं है, सरकार ने हम पर पहरा बिठा दिया है। इसी तरह पुलिस की ओर से तीसरी वीरांगना मधुबाला मीणा के घर के बाहर भी जवानों को तैनात कर रखा है।
सांसद मीणा को दिल्ली किया जा सकता है रेफर
इधर, वीरांगनाओं में समर्थन में प्रदर्शन करने के बाद दौरान भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पातल के आईसीयू वार्ड में उनका इलाज चल रहा है। शनिवार देर शाम की गई एमआरआई में उनके स्पाइनल कोड में सूजन होने की बात सामने आई है। इस कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सांसद को हाथ-पैर उठाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि समस्या को देखते हुए सांसद मीणा को दिल्ली रेफर किया जा सकता है। इधर, आज रविवार को भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया किरोड़ीलाल मीणा का स्वास्थ जानने एसएमएस अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर से भी बात की।
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