ढोल की थाप पर आपने इंसानों को तो नाचते देखा होगा, लेकिन ढोल की ताल पर रेगिस्तान के जहाज को आप पहली बार तस्वीर में नाचते हुए देख रहे होंगे। ढोल की थाप और उसके साथ थिरकते ऊंट के कदम को देखते ही वहां मौजूद हजारों लोगों ने इस नजारे को अपनी करतल ध्वनि से सराहा। मौका था बीकानेर में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का, जहां शनिवार को दूसरे दिन कैमल डांस, केमल फर कटिंग और कैमल रेस का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय ऊंट रिसर्च सेंटर के ग्राउंड में कैमल डांस देखने सैंकड़ों की संख्या में देसी विदेशी पर्यटक पहुंचे। इस दौरान कैमल डांस प्रतियोगिता में मालिकों ने नंबर अनुसार अपने अपने ऊंटों से डांस करवाया। बकरे के डांस ने भी पर्यटकों को काफी रोमांचित किया।
भांगड़े की धुन पर एक पर जहां ऊंट डांस करने लगे तो वही विदेशी पर्यटक भी अपने पैरों को थिरकने से रोक नहीं पाए। जर्मनी से आई पर्यटक ने बताया की वे पहली बार भारत आई हैं। उन्होंने ऊंट को पहली बार इतने पास से देखा है। उन्होंने कहा कि मैंने पहली बार कैमल डांस देखा है जो काफी रोमांचित करने वाला है। फेस्टिवल में बीएसएफ के ऊंट दस्ते की मौजूदगी से भी लोगों में खासा जोश नजर आया।
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