Rajasthan: निर्माण कम और मांग ज्यादा, ग्रामीण झेल रहे ब्लैकआउट की मार, राज वेस्ट पावर प्लांट की चार यूनिट ठप

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पावर प्लांट की चार यूनिट ठप

पावर प्लांट की चार यूनिट ठप
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

प्रदेश में रबी के फसली सीजन में एक और जहां बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, वहीं प्रोडक्शन लगातार घट रहा है। राजस्थान में शुक्रवार को बिजली की अधिकतम डिमांड 16500 मेगावाट तक चली गई, जबकि उपलब्धता 12400 मेगावाट ही रही। करीब 4100 मेगावाट बिजली अधिकतम डिमांड से कम हो गई है। बिजली की उपलब्धता और डिमांड में इस फर्क से निपटने के लिए बिजली कंपनियों ने कई जगह ब्लैक आउट कर दिया। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पड़ा। छोटे शहरों में भी चार घंटे तक ब्लैक आउट रहा।

राज वेस्ट आठ मिनट एक साथ हुई ठप, सोलर पावर भी घटी

राज वेस्ट पावर प्लांट में शुक्रवार को एक साथ आठ पावर यूनिट से बिजली का उत्पादन ठप हो गया। टेक्निकल दिक्कतों के कारण 1080 मेगावाट बिजली प्रोडक्शन बंद हो गया। प्रदेश में सोलर एनर्जी भी 3000 मेगावाट की जगह 1200 मेगावाट ही मिल सकी। क्योंकि कोहरा और बादल छाए रहने के कारण सोलर एनर्जी प्रोडक्शन कम हुआ।  दिनभर कड़ी मशक्कत के बाद राजवेस्ट प्लांट की 4 यूनिट रात तक फिर चालू हो सकीं।

घोषित पावर कट के अलावा चार घंटे अघोषित बिजली कटौती

 प्रदेश में 5000 की जनसंख्या से ज्यादा आबादी वाले गांव और म्युनिसिपल शहरों में सुबह 6:30 से 7:30 बजे तक और सभी जिला मुख्यालयों पर सुबह 7:30 से 8:30 बजे तक बिजली कटौती की जा रही है। इसमें संभाग मुख्यालय शामिल नहीं हैं। साथ ही बड़ी इंडस्ट्रियल यूनिट्स जो 125 केवीए से ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी लोड वाली हैं, उनमें शाम 5 से 8 बजे तक घोषित तौर पर बिजली कटौती की जा रही है। इसके बाद भी चार घंटे की अतिरिक्त बिजली कटौती करनी पड़ी है, जो चिंताजनक है।

1500 मेगावाट की जगह 300 मेगावाट ही बिजली मिल सकी

बिजली किल्लत से निपटने के लिए राजस्थान ऊर्जा विकास निगम ने नेशनल पावर एक्सचेंज से 1000 से 1500 मेगावाट तक बिजली खरीदने की कोशिश की। इसके लिए अधिकतम तय रेट 12 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली खरीदने की ऑनलाइन बिड (बोली) लगाई गई। लेकिन केवल 300 मेगावाट ही बिजली मिल सकी। पावर क्राइसिस के हालात को देखते हुए प्रदेश के 80 ग्रिड सब स्टेशन से बिजली का लोड कंट्रोल करवाया गया। बिजली की सप्लाई कम कर कटौती का समय बढ़ाया गया। जयपुर डिस्कॉम, अजमेर डिस्कॉम और जोधपुर डिस्कॉम तीनों बिजली कंपनियों ने जगह-जगह ग्रामीण और शहरी फ़ीडर्स से लोड शेडिंग कर राजस्थान के आधार पर फीडर चलाकर बिजली कटौती की।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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