Rajasthan: ओम बिरला बोले- न्यायपालिका मर्यादा में रहे, संवैधानिक अधिकार का उपयोग करे, लेकिन संतुलन बनाए रखे

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अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बोले लोकसभा अध्यक्ष।

अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बोले लोकसभा अध्यक्ष।
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजस्थान विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन (AIPOC) हो रहा है। बुधवार को सम्मेलन के पहले दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम अशोक गहलोत ने अपनी-अपनी बातें रखीं। 

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि न्यायपालिका मर्यादा का पालन करे। न्यायपालिका से उम्मीद की जाती है कि उसे जो संवैधानिक अधिकार दिया है, उसका उपयोग करे, लेकिन अपनी शक्तियों का संतुलन भी बनाए रखे। हमारे सदनों के अध्यक्ष यही चाहते हैं।

83वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बोलते हुए ओम बिरला ने कहा कि विधायिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन होना जरूरी है। देश में सभी विधानसभाओं ने हमेशा न्यायपालिका की शक्तियों-अधिकारों का सम्मान किया है। न्यायपालिका से भी इसी तरह की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों अंग- कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को अपने-अपने अधिकार दिए गए हैं। सभी को एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए विश्वास और संतुलन के साथ काम करना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोगों की नजरों में विधायिका की छवि सुधारने की भी जरूरत है।

विस्तार

राजस्थान विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन (AIPOC) हो रहा है। बुधवार को सम्मेलन के पहले दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम अशोक गहलोत ने अपनी-अपनी बातें रखीं। 

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि न्यायपालिका मर्यादा का पालन करे। न्यायपालिका से उम्मीद की जाती है कि उसे जो संवैधानिक अधिकार दिया है, उसका उपयोग करे, लेकिन अपनी शक्तियों का संतुलन भी बनाए रखे। हमारे सदनों के अध्यक्ष यही चाहते हैं।

83वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में बोलते हुए ओम बिरला ने कहा कि विधायिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन होना जरूरी है। देश में सभी विधानसभाओं ने हमेशा न्यायपालिका की शक्तियों-अधिकारों का सम्मान किया है। न्यायपालिका से भी इसी तरह की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीनों अंग- कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को अपने-अपने अधिकार दिए गए हैं। सभी को एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए विश्वास और संतुलन के साथ काम करना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोगों की नजरों में विधायिका की छवि सुधारने की भी जरूरत है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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