महाराष्ट्र की अमरावती संसदीय सीट से भाजपा सांसद नवनीत कौर राणा ने दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि आफताब जैसे दरिंदों पर खून खौल उठता है। वह संसद में मांग करेंगी कि ऐसे दरिंदों को बीच सड़क पर सजा दी जाए, जिससे श्रद्धा जैसा दूसरा मामला न हो।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सांसद नवनीत कौर राणा शुक्रवार को जयपुर दौरे पर रही। इस दौरान उन्होंने एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम को संबोधित किया। नवनीत राणा ने श्रद्धा हत्याकांड को लेकर दुख जताया। साथ ही उन्होंने छात्राओं को सीमा में रहने की नसीहत दे डाली।
उन्होंने कार्यक्रम में छात्राओं से कहा कि युवतियों को अपनी सीमा नहीं लांघनी चाहिए। माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है। इसलिए हमेशा अपने माता-पिता की बात मानों । चार दिन के प्यार के चक्कर में माता-पिता को नहीं भूलना चाहिए।
‘5 साल मौज और 50 साल कष्ट, चयन आपको करना है’ सांसद नवनीत राणा ने आगे कहा कि जिनकी औकात साइकल की नहीं है, उनके साथ मत जाओ। इंटरनेट और मीडिया से छात्राओं को दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। पांच साल मेहनत कर अपना भविष्य बनाओ और 40 साल मौज करो। या फिर पांच साल मौज करो और जिंदगी के 50 साल कष्ट में बिताओ। चयन आपको करना है कि आप क्या करना चाहते हो।
राहुल गांधी पर भी भड़की, कहा- राहुल ने महाराष्ट्र की जनता का अपमान किया
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीर सावरकर को अंग्रेजों का नौकर बताया था। उनके इस बयान पर नवनीत राणा ने कहा कि राहुल ने महाराष्ट्र के महान नेता वीर सावरकर का अपमान किया है। उनके खिलाफ गलत टिप्पणी की है। सावरकर ने देश को बहुत कुछ दिया है। राहुल ने महाराष्ट्र की जनता का अपमान किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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महाराष्ट्र की अमरावती संसदीय सीट से भाजपा सांसद नवनीत कौर राणा ने दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि आफताब जैसे दरिंदों पर खून खौल उठता है। वह संसद में मांग करेंगी कि ऐसे दरिंदों को बीच सड़क पर सजा दी जाए, जिससे श्रद्धा जैसा दूसरा मामला न हो।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सांसद नवनीत कौर राणा शुक्रवार को जयपुर दौरे पर रही। इस दौरान उन्होंने एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम को संबोधित किया। नवनीत राणा ने श्रद्धा हत्याकांड को लेकर दुख जताया। साथ ही उन्होंने छात्राओं को सीमा में रहने की नसीहत दे डाली।
उन्होंने कार्यक्रम में छात्राओं से कहा कि युवतियों को अपनी सीमा नहीं लांघनी चाहिए। माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है। इसलिए हमेशा अपने माता-पिता की बात मानों । चार दिन के प्यार के चक्कर में माता-पिता को नहीं भूलना चाहिए।
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