Rajasthan: पायलट समर्थक यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राकेश मीणा ने दिया इस्तीफा, नाराजगी की यह वजह बताई

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राकेश मीणा और सचिन पायलट

राकेश मीणा और सचिन पायलट
– फोटो : Social Media

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अशोक गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई के बीच अब पायलट खेमे के नेता खुलकर अदावत दिखाने लगे हैं। प्रदेश यूथ कांग्रेस के उप अध्यक्ष राकेश मीणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राकेश मीणा ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफा का ऐलान किया और गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा।
 

राकेश मीणा यूथ कांग्रेस का चुनाव जीतकर प्रदेश के उपाध्यक्ष बने थे। जिसके बाद भी उनको पायलट ग्रुप का मनाते हुए किसी भी जिम्मेदारी से महरूम रखा गया। कहा जा रहा है कि निरंतर प्रयास और मेहनत के बाद भी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने से खिन्न होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है। 

जिनको 500 वोट भी नहीं मिले, उसे अध्यक्ष बनाया गया
मीणा ने ट्वीट कर लिखा कि मुझे पार्टी में जो दायित्व मिला, वो राहुल गांधी जी की सोच के कारण मिला। लोकतंत्र व्यवस्था के कारण मिला। युवाकांग्रेस में कई कार्यकर्ताओं का दो से तीन बार प्रमोशन किया गया है लेकिन मेरे सहित कई कार्यकर्ताओं का एक बार भी प्रमोशन नहीं किया गया है। जिनके कांग्रेस के चुनाव में 500 वोट भी नहीं आए, उनको राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जो सरासर पक्षपात है।

पायलट जी कुछ भी नहीं मिला, इससे जनता में गया गलत संदेश
उन्होंने कहा कि 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट जी के चेहरे पर लड़ा गया। युवाओं ने पायलट के नाम पर वोट दिया लेकिन पायलट जी को कुछ भी नहीं मिला। जिसका संदेश जनता में गलत गया है । मैं कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी जी, सोनिया गांधी जी और प्रियंका गांधी का आम कार्यकर्ता हूं और एक कार्यकर्ता कि हैसियत से कांग्रेस पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। मेरा ये निर्णय व्यक्तिगत है। इसको किसी भी व्यक्ति से इसे जोड़कर नहीं देखा जाए।

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं राकेश मीणा

राकेश मीणा एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मीणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोघरा पर कोई करवाई नहीं होने से काफी आहत थे। साथ ही कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में भी अध्यक्ष गणेश घोघरा का जाना और पद की गरिमा के अनुकूल काम नहीं करने से राकेश मीणा काफी नाराज बताए जा रहे हैं। 

भारत जोड़ो यात्रा में युवाओं का दिखेगा विरोध
प्रदेश में राहुल गांधी के आवागमन से पहले के इस घटनाक्रम से प्रदेश कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंच सकता है। राकेश मीणा एक युवा चेहरा हैं, जो NSUI से लेकर यूथ कांग्रेस तक युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थें। वहीं मीणा के इस्तीफे से गहलोत-पायलट की लड़ाई अब फिर से खुलकर सामने आ गई है। राहुल गांधी के सामने अपनी बात और विरोध प्रकट करने का सही अवसर इन युवा नेताओं के पास भारत जोड़ों यात्रा में ही होगा। जिसके चलते अभी और भी असंतुष्ट नेताओं के सामने आने की उम्मीद जतायी जा रही है।

विस्तार

अशोक गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई के बीच अब पायलट खेमे के नेता खुलकर अदावत दिखाने लगे हैं। प्रदेश यूथ कांग्रेस के उप अध्यक्ष राकेश मीणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राकेश मीणा ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफा का ऐलान किया और गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा।

 

राकेश मीणा यूथ कांग्रेस का चुनाव जीतकर प्रदेश के उपाध्यक्ष बने थे। जिसके बाद भी उनको पायलट ग्रुप का मनाते हुए किसी भी जिम्मेदारी से महरूम रखा गया। कहा जा रहा है कि निरंतर प्रयास और मेहनत के बाद भी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने से खिन्न होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है। 

जिनको 500 वोट भी नहीं मिले, उसे अध्यक्ष बनाया गया

मीणा ने ट्वीट कर लिखा कि मुझे पार्टी में जो दायित्व मिला, वो राहुल गांधी जी की सोच के कारण मिला। लोकतंत्र व्यवस्था के कारण मिला। युवाकांग्रेस में कई कार्यकर्ताओं का दो से तीन बार प्रमोशन किया गया है लेकिन मेरे सहित कई कार्यकर्ताओं का एक बार भी प्रमोशन नहीं किया गया है। जिनके कांग्रेस के चुनाव में 500 वोट भी नहीं आए, उनको राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जो सरासर पक्षपात है।

पायलट जी कुछ भी नहीं मिला, इससे जनता में गया गलत संदेश

उन्होंने कहा कि 2018 राजस्थान विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट जी के चेहरे पर लड़ा गया। युवाओं ने पायलट के नाम पर वोट दिया लेकिन पायलट जी को कुछ भी नहीं मिला। जिसका संदेश जनता में गलत गया है । मैं कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी जी, सोनिया गांधी जी और प्रियंका गांधी का आम कार्यकर्ता हूं और एक कार्यकर्ता कि हैसियत से कांग्रेस पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। मेरा ये निर्णय व्यक्तिगत है। इसको किसी भी व्यक्ति से इसे जोड़कर नहीं देखा जाए।


एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं राकेश मीणा

राकेश मीणा एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मीणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोघरा पर कोई करवाई नहीं होने से काफी आहत थे। साथ ही कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में भी अध्यक्ष गणेश घोघरा का जाना और पद की गरिमा के अनुकूल काम नहीं करने से राकेश मीणा काफी नाराज बताए जा रहे हैं। 


भारत जोड़ो यात्रा में युवाओं का दिखेगा विरोध

प्रदेश में राहुल गांधी के आवागमन से पहले के इस घटनाक्रम से प्रदेश कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंच सकता है। राकेश मीणा एक युवा चेहरा हैं, जो NSUI से लेकर यूथ कांग्रेस तक युवाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थें। वहीं मीणा के इस्तीफे से गहलोत-पायलट की लड़ाई अब फिर से खुलकर सामने आ गई है। राहुल गांधी के सामने अपनी बात और विरोध प्रकट करने का सही अवसर इन युवा नेताओं के पास भारत जोड़ों यात्रा में ही होगा। जिसके चलते अभी और भी असंतुष्ट नेताओं के सामने आने की उम्मीद जतायी जा रही है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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