दिन की शुरुआत इंडिया टुडे के संपादक और एंकर शिव अरूर के साक्षात्कार से हुई। साहित्यिक महोत्सव में अरूर की मौजूदगी महत्वपूर्ण थी क्योंकि उन्होंने रक्षा संवाददाता होने के साथ-साथ कई सैन्य पुस्तकें भी लिखी हैं। अरूर ने सैन्य संगठन के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बताया। क्षेत्रीय आवा अध्यक्ष रवनीत भिंडर ने ज्योत्सना अत्रे की पुस्तक ‘द जंगल बुक ऑफ राइम्स’ का विमोचन किया।
साहित्यिक विषय पर कथक प्रस्तुति
‘रंगायन’ ऑडिटोरियम में सुबह के सत्र की शुरुआत ‘चैटरूम/इख्तियार-ए-ख्वाब: मीट योर पोएट’ से हुई, जिसमें कवियों ने श्रोताओं के साथ अपनी रचनाएं शेयर की। इसके बाद सुचेता शिव कुमार और उनकी मंडली ने साहित्यिक विषय पर आधारित कथक प्रस्तुति दी। ‘मध्यवर्ती’ ऑडिटोरियम में दिन की कार्यवाही ‘रूबरू पार्ट- II: मीट योर ऑथर’ के साथ शुरू हुई। इस संवादात्मक सत्र में लेखकों ने अपने कार्यों को दर्शकों के साथ सांझा किया। अगला सत्र ‘मध्यवर्ती’ हॉल में ‘एज ओनली ए नंबर फॉर राइटर्स’ था जिसमें विभिन्न आयु के लेखकों ने अपने जीवन के विभिन्न चरणों में अपने लेखन करियर को शुरू करने का अनुभव साझा किया।
किताबों की जुबानी
‘रंगायन’ में लंच के बाद का सत्र ‘किताबों की जुबानी’ से शुरू हुआ, जिसमें स्वप्निल पांडे, सिमरन रंधावा और वंदना यादव ने अपनी रचनाओं के अंश सुनाए। इसके बाद अनुराधा प्रभुदेसाई और सरताज लांबा के विशेष सत्र ‘मेरा देश मेरी जान’ का आयोजन किया गया। इसमें सैनिकों के लिए की गई कल्याणकारी पहलों को बढ़ाने की आवश्यकता पर फोकस किया गया। लंच के बाद ‘मध्यवर्ती’ ऑडिटोरियम में, सत्र ‘जिंदगी एक सफर’ की शुरुआत हुई, जिसमें लेखकों के साहित्यिक यात्रा वृत्तांत और अनुभवों पर चर्चा हुई। ‘मध्यवर्ती’ हॉल का अगला सत्र ‘ड्रीम बिग अचीव बिग’ था, जिसमें सभी बाधाओं के बावजूद सफल महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों के बारे में बताया गया।
वर्कशॉप भी आयोजित
उपरोक्त कार्यक्रमों के अलावा, आयोजन स्थल पर विभिन्न हितों पर दो वर्कशॉप आयोजित किए गए। कृष्णायन ऑडिटोरियम में पहला वर्कशॉप सुतापा बसु का ‘रचनात्मक लेखन’ था। अगला वर्कशॉप आनंदिता रॉय, डॉ रितु शर्मा और प्रियंका जेटली द्वारा जज किया गया ‘एम्पॉवरिंग योरसेल्फ टू आर्टिकुलेट योर एस्पिरेशन’ था। श्रोताओं को संतोषजनक प्रश्नोत्तरी के साथ यह दोनों वर्कशॉप अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए। रविवार को दो और पुस्तकों का विमोचन किया गया जिसमें सुमन सिवाच की ‘गजाला’ का विमोचन क्षेत्रीय आवा अध्यक्ष रवनीत भिंडर ने तथा सुनीता चौधरी की ‘ग्रोथ’ पुस्तक का विमोचन राहुल सिंह ने किया। इसके अलावा एनसीसी कैडेटों का नुक्कड़ नाटक, रोडीज फेम रणविजय सिंहा के साथ बातचीत, गीत की प्रस्तुति और आर्मी सिम्फनी बैंड के संगीत प्रदर्शन ने पूरे दिन उत्साह बढ़ाया।
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

















