Rajasthan News: बीकानेर में निकाह के 35 साल बाद तीन बार तलाक कहकर तोड़ा संबंध, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

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सांकेतिक तस्वीर

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– फोटो : PTI

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राजस्थान के बीकानेर में निकाह के 35 साल बाद तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ने का मामला सामने आया है। दंपती के दो बच्चे हैं और दोनों बालिग है। महिला की शिकायत पर कोर्ट ने पति के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया और तब प्रकरण दर्ज हुआ। 

मामला बीकानेर के जय नारायण व्यास कॉलोनी पुलिस थाने का है। मुस्लिम महिला ने थाने में परिवाद देकर जयपुर निवासी पति शाहिद अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रार्थी का कहना है कि उसका निकाह शाहिद अहमद से 1987 में हुआ था। दंपती के दो बच्चे हैं और दोनों बालिग हो चुके हैं। प्रार्थी का यह भी कहना है कि निकाह के बाद पति मारपीट करता था। लोकलाज और घर को बचाए रखने के लिए उसने कभी शिकायत नहीं की। उसने किसी को यह बताया भी नहीं। 

तीन जुलाई को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे दस्तावेज
प्रार्थी का कहना है कि तीन जुलाई को पति ने उसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज भेजे। उसे देखने पर पता चला कि उसे तीन तलाक का नोटिस दिया गया है। दस्तावेज के तीसरे पेज पर लिखा था कि ‘मैं शाहिद अहमद आपको तलाक देता हूं और अपने निकाह के बंधन से मुक्त करता हूं।’ शाहिद अहमद ने इसके बाद प्रार्थी के बैंक खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाए। फिर फोन किया और तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ दिया। 

पुलिस ने नहीं किया था मामला दर्ज
प्रार्थी ने दावा किया कि उसने 14 अक्टूबर को थाने में परिवाद दाखिल किया था। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रार्थी ने अदालत का सहारा लिया। वहां से आदेश हुआ और तब व्यास कॉलोनी के थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 

विस्तार

राजस्थान के बीकानेर में निकाह के 35 साल बाद तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ने का मामला सामने आया है। दंपती के दो बच्चे हैं और दोनों बालिग है। महिला की शिकायत पर कोर्ट ने पति के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया और तब प्रकरण दर्ज हुआ। 

मामला बीकानेर के जय नारायण व्यास कॉलोनी पुलिस थाने का है। मुस्लिम महिला ने थाने में परिवाद देकर जयपुर निवासी पति शाहिद अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। प्रार्थी का कहना है कि उसका निकाह शाहिद अहमद से 1987 में हुआ था। दंपती के दो बच्चे हैं और दोनों बालिग हो चुके हैं। प्रार्थी का यह भी कहना है कि निकाह के बाद पति मारपीट करता था। लोकलाज और घर को बचाए रखने के लिए उसने कभी शिकायत नहीं की। उसने किसी को यह बताया भी नहीं। 

तीन जुलाई को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे दस्तावेज

प्रार्थी का कहना है कि तीन जुलाई को पति ने उसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज भेजे। उसे देखने पर पता चला कि उसे तीन तलाक का नोटिस दिया गया है। दस्तावेज के तीसरे पेज पर लिखा था कि ‘मैं शाहिद अहमद आपको तलाक देता हूं और अपने निकाह के बंधन से मुक्त करता हूं।’ शाहिद अहमद ने इसके बाद प्रार्थी के बैंक खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाए। फिर फोन किया और तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ दिया। 

पुलिस ने नहीं किया था मामला दर्ज

प्रार्थी ने दावा किया कि उसने 14 अक्टूबर को थाने में परिवाद दाखिल किया था। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रार्थी ने अदालत का सहारा लिया। वहां से आदेश हुआ और तब व्यास कॉलोनी के थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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