
कोटा में अपने परिवार के साथ विशाल
– फोटो : Self
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संघर्ष जितना लंबा होगा, सफलता उतनी ही शानदार होगी, इसलिए जीवन में कभी भी संघर्ष से मुंह नहीं मोड़ें, बल्कि डटकर सामना करें। यह बात शिक्षा की छोटी काशी कहलाने वाले कोटा शहर के विद्यार्थी विशाल के लिए प्रेरक उदाहरण बन गई है। एक ऐसा प्रतिभाशाली विद्यार्थी जो संघर्षों से नहीं घबराया, जिसने परिवार के हालातों को हराया और खुद को साबित किया। जब बरसात में तेज हवा चलती थी तो घर के टीन-टप्पर उड़ जाते थे।
कोरोना महामारी के कारण एक साल खराब हुआ, क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन भी नहीं थे। बच्चे को पढ़ाने के लिए माता-पिता ने पाई-पाई जोड़ी। आठवीं पास पापा गली-गली घूमकर ठेले पर सब्जी बेचते हैं। निरक्षर मां तीन घरों में झाड़ू-पोछे का काम करती है, तब घर चलता है। अब घर का होनहार बेटा विशाल इंजीनियर बनने जा रहा है। विशाल को एनआईटी, सूरत में कैमिकल ब्रांच में दाखिला मिला है।
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