Rajasthan: प्रेरणा हैं पुलिस अधिकारी आरती सिंह तंवर, सोशल मीडिया पर पांच लाख बच्चों का कर रही मार्गदर्शन

0
21
एसआई आरती सिंह तंवर

एसआई आरती सिंह तंवर
– फोटो : Social Media

ख़बर सुनें

एक महिला अपने जीवन में हर काम, हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाती है और शायद इसीलिए महिलाओं को शक्ति के नाम से भी जाना जाता है। इसी शक्ति का एक रूप हैं आरती सिंह तंवर, जो राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं लेकिन, सिर्फ इतना-सा परिचय इनके लिए काफी नहीं है। आरती सिंह तंवर एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ एक बच्ची की मां, एक बेटी, एक शिक्षिका और प्रेरक वक्ता तो है ही, इसके साथ वो लाखों बच्चों की उम्मीद और प्रेरणा स्रोत हैं।

आरती सिंह तंवर, उन लाखों बच्चों की प्रेरणा हैं, जिन्होंने अपने जीवन में वर्दी पहनने और सरकारी नौकरी लगने का सपना देखा है पर मार्गदर्शन के अभाव और तनाव में जिंदगी के अमूल्य समय को सही दिशा नहीं दे पा रहे हैं। काम के साथ घर-परिवार को वक्त दे पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। जब नौकरी पुलिस की हो तो सोने पर सुहागा कहना ही उचित प्रतीत होता है लेकिन लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरुक करने का यह प्रण और दिशाभ्रमित बच्चों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए यह जीवन-समर्पण ही उनका शक्तिपुंज प्रतीत होता है। इसलिए हमेशा अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते हुए एक सफल पुलिस अधिकारी और मां होने की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने के साथ वे लाखों लोगों के बीच एक सफल शिक्षिका और प्रेरक वक्ता के रूप में भी खुद को स्थापित कर चुकी हैं।

तकनीकी की इस सदी में इंटरनेट की दुनिया से अलग राह पाना जहां लगभग नामुमकिन-सा जान पड़ता है। जिसकी वजह से लाखों लोग इस इंटरनेट के भंवर में खोकर उसके वास्तविक उद्देश्य को समझ नहीं पाते। वहीं इंटरनेट की दुनिया का एक सकारात्मक उदाहरण है। आरती सिंह तंवर जिनसे उनके सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स (फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर, आधिकारिक वेबसाइट आदि) पर पांच लाख से अधिक बच्चे जुड़कर न सिर्फ उन्हें अपनी आदर्श मानते हुए अपना करियर संवार रहे हैं। साथ की साइबर दुनिया का एक बेहतरीन प्रयोग भी हमारे सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को उनकी परीक्षा विशेष से संबंधित मार्गदर्शन और समस्त प्रकार की अनिवार्य जानकारी देती है और साथ ही परीक्षा की निःशुल्क तैयारी भी करवाती हैं।

आरती सिंह तंवर का समाज और बच्चों के प्रति यह समर्पण यहीं तक सीमित नहीं रहा है। वे अपने व्यक्तिगत जीवन से समय निकालकर वे समय-समय पर आमजन को वर्तमान में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रकारों और उन अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रखने के तरीकों से अवगत करवाकर निरंतर साइबर अपराध जागरूकता अभियान भी चला रही है और लोगों को सावधान कर रही हैं।

आरती सिंह तंवर एक ऐसे महिला समूह का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्होंने न सिर्फ हर क्षेत्र में खुद को सफल और सक्षम साबित किया है बल्कि लोगों की धरातल स्तरीय समस्याओं को समझते हुए उसके लिए काम भी कर रही है। इन अथक प्रयासों का प्रेरणास्रोत जानना चाहा तो पूर्णतः अपने काम को समर्पित इस पुलिस अधिकारी आरती सिंह तंवर का कहना है कि एक गाने की कुछ पंक्तियां इन्हें बहुत प्रभावित करती हैं और इस बात पर वो अटूट विश्वास भी रखती हैं कि-

‘खुदगर्ज दुनिया में ये इन्सान की पहचान है 
जो पराई आग में जल जाए वो इंसान है
अपने लिए जिए तो क्या जिए
तू जी ऐ दिल जमाने के लिए
उनके इस जज्बे व समर्पण को हमारा सलाम।’

विस्तार

एक महिला अपने जीवन में हर काम, हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाती है और शायद इसीलिए महिलाओं को शक्ति के नाम से भी जाना जाता है। इसी शक्ति का एक रूप हैं आरती सिंह तंवर, जो राजस्थान पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं लेकिन, सिर्फ इतना-सा परिचय इनके लिए काफी नहीं है। आरती सिंह तंवर एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ एक बच्ची की मां, एक बेटी, एक शिक्षिका और प्रेरक वक्ता तो है ही, इसके साथ वो लाखों बच्चों की उम्मीद और प्रेरणा स्रोत हैं।


आरती सिंह तंवर, उन लाखों बच्चों की प्रेरणा हैं, जिन्होंने अपने जीवन में वर्दी पहनने और सरकारी नौकरी लगने का सपना देखा है पर मार्गदर्शन के अभाव और तनाव में जिंदगी के अमूल्य समय को सही दिशा नहीं दे पा रहे हैं। काम के साथ घर-परिवार को वक्त दे पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। जब नौकरी पुलिस की हो तो सोने पर सुहागा कहना ही उचित प्रतीत होता है लेकिन लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरुक करने का यह प्रण और दिशाभ्रमित बच्चों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए यह जीवन-समर्पण ही उनका शक्तिपुंज प्रतीत होता है। इसलिए हमेशा अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते हुए एक सफल पुलिस अधिकारी और मां होने की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने के साथ वे लाखों लोगों के बीच एक सफल शिक्षिका और प्रेरक वक्ता के रूप में भी खुद को स्थापित कर चुकी हैं।


तकनीकी की इस सदी में इंटरनेट की दुनिया से अलग राह पाना जहां लगभग नामुमकिन-सा जान पड़ता है। जिसकी वजह से लाखों लोग इस इंटरनेट के भंवर में खोकर उसके वास्तविक उद्देश्य को समझ नहीं पाते। वहीं इंटरनेट की दुनिया का एक सकारात्मक उदाहरण है। आरती सिंह तंवर जिनसे उनके सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स (फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर, आधिकारिक वेबसाइट आदि) पर पांच लाख से अधिक बच्चे जुड़कर न सिर्फ उन्हें अपनी आदर्श मानते हुए अपना करियर संवार रहे हैं। साथ की साइबर दुनिया का एक बेहतरीन प्रयोग भी हमारे सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को उनकी परीक्षा विशेष से संबंधित मार्गदर्शन और समस्त प्रकार की अनिवार्य जानकारी देती है और साथ ही परीक्षा की निःशुल्क तैयारी भी करवाती हैं।


आरती सिंह तंवर का समाज और बच्चों के प्रति यह समर्पण यहीं तक सीमित नहीं रहा है। वे अपने व्यक्तिगत जीवन से समय निकालकर वे समय-समय पर आमजन को वर्तमान में तेज़ी से बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रकारों और उन अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रखने के तरीकों से अवगत करवाकर निरंतर साइबर अपराध जागरूकता अभियान भी चला रही है और लोगों को सावधान कर रही हैं।


आरती सिंह तंवर एक ऐसे महिला समूह का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्होंने न सिर्फ हर क्षेत्र में खुद को सफल और सक्षम साबित किया है बल्कि लोगों की धरातल स्तरीय समस्याओं को समझते हुए उसके लिए काम भी कर रही है। इन अथक प्रयासों का प्रेरणास्रोत जानना चाहा तो पूर्णतः अपने काम को समर्पित इस पुलिस अधिकारी आरती सिंह तंवर का कहना है कि एक गाने की कुछ पंक्तियां इन्हें बहुत प्रभावित करती हैं और इस बात पर वो अटूट विश्वास भी रखती हैं कि-

‘खुदगर्ज दुनिया में ये इन्सान की पहचान है 

जो पराई आग में जल जाए वो इंसान है

अपने लिए जिए तो क्या जिए

तू जी ऐ दिल जमाने के लिए

उनके इस जज्बे व समर्पण को हमारा सलाम।’

This News is Updated by Khabre Fatafat
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here