Rajasthan: गृह मंत्री अमित शाह के कमांडो की मौत, ढाई साल से पर्सनल सिक्योरिटी में तैनात था अलवर का युवक

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अमित शाह के कमांडो की मौत

अमित शाह के कमांडो की मौत
– फोटो : सोशल मीडिया

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अलवर जिले में बहरोड़ रोड पर करोड़ा के पास हुए सड़क हादसे में गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड कमांडो सुनील यादव की मौत हो गई। सुनील 29 साल के थे, जिनके दो बच्चे हैं। साल 2015 में सुनील की शादी हुई थी।

बता दें कि सुनील पिछले ढाई साल से गृह मंत्री की सुरक्षा में लगे हुए थे। दो दिन पहले जब छुट्टी आई तो मुंडावर स्थित अपने ही गांव महानपुरबास आ रही एक कार से हादसा हो गया। सुनील के साथ उनकी बुआ के बेटे की भी मौत हो गई।

देश प्रेमी और मददगार थे सुनील…
सुनील यादव पुत्र शेर सिंह साल 2011 में सीआरपीएफ में सिपाही के रूप में शामिल हुए थे। बाद में वह कमांडो बन गए। ढाई साल से अमित शाह की निजी सुरक्षा में लगे हुए थे। सुनील को आसपास के ग्रामीण सुनील फौजी के नाम से जानते थे। वह इतने देश भक्त थे कि उन्होंने अपने आसपास के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया। हाल ही में उन्होंने अपने जन्मदिन 11 जुलाई 2022 पर गांव में ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया था, जहां 91 यूनिट रक्तदान किया गया।

पिता किसान हैं…

सुनील घर में कमाने वाले अकेले थे। 2015 में उनकी शादी हुई थी। एक बेटा व बेटी है। एक छोटा भाई है, जो कॉलेज में पढ़ता है। पिता शेरसिंह खेती करते हैं। सुनील की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सुनील के दोस्त एडवोकेट रूपेश यादव कहते हैं, सुनील की मौत से कई गांवों में शोक है। असल में सुनील सबकी मदद करने वाला व्यक्ति था। गांव के युवाओं को भी उनके करियर को लेकर गाइड करता रहता था। गेम्स और आर्मी के बारे में बताता रहता था कि कैसे वह इस फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं।

विस्तार

अलवर जिले में बहरोड़ रोड पर करोड़ा के पास हुए सड़क हादसे में गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी गार्ड कमांडो सुनील यादव की मौत हो गई। सुनील 29 साल के थे, जिनके दो बच्चे हैं। साल 2015 में सुनील की शादी हुई थी।

बता दें कि सुनील पिछले ढाई साल से गृह मंत्री की सुरक्षा में लगे हुए थे। दो दिन पहले जब छुट्टी आई तो मुंडावर स्थित अपने ही गांव महानपुरबास आ रही एक कार से हादसा हो गया। सुनील के साथ उनकी बुआ के बेटे की भी मौत हो गई।

देश प्रेमी और मददगार थे सुनील…

सुनील यादव पुत्र शेर सिंह साल 2011 में सीआरपीएफ में सिपाही के रूप में शामिल हुए थे। बाद में वह कमांडो बन गए। ढाई साल से अमित शाह की निजी सुरक्षा में लगे हुए थे। सुनील को आसपास के ग्रामीण सुनील फौजी के नाम से जानते थे। वह इतने देश भक्त थे कि उन्होंने अपने आसपास के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया। हाल ही में उन्होंने अपने जन्मदिन 11 जुलाई 2022 पर गांव में ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया था, जहां 91 यूनिट रक्तदान किया गया।

पिता किसान हैं…

सुनील घर में कमाने वाले अकेले थे। 2015 में उनकी शादी हुई थी। एक बेटा व बेटी है। एक छोटा भाई है, जो कॉलेज में पढ़ता है। पिता शेरसिंह खेती करते हैं। सुनील की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सुनील के दोस्त एडवोकेट रूपेश यादव कहते हैं, सुनील की मौत से कई गांवों में शोक है। असल में सुनील सबकी मदद करने वाला व्यक्ति था। गांव के युवाओं को भी उनके करियर को लेकर गाइड करता रहता था। गेम्स और आर्मी के बारे में बताता रहता था कि कैसे वह इस फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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