
खेल मंत्री अशोक चांदना
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राजस्थान के सियासी संकट पर सचिन पायलट के धुर विरोधी माने जाने खेलमंत्री अशोक चांदना ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। बात रखना बगावत नहीं है।
अजय माकन ने विधायकों के बैठक में नहीं आने को अनुशासनहीनता करार दिया था और कार्रवाई की बात कही थी। उनके इस बयान पर अशोक चांदना ने कहा कि हम देखेंगे कि वे कब कार्रवाई करेंगे। हम डर नहीं सकते। मैंने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और कई लोगों ने इसे खुशी-खुशी किया है। पत्र सार्वजनिक डोमेन में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक परिवार है। परिवार में किसी भी स्तर पर जाकर अपनी बात रखनी पड़े तो हम जरूर रखेंगे। ऐसे में विधायक अब फ्रंट फुट पर आकर खेल रहे हैं।

गहलोत सीएम रहेंगे या नहीं, इसको लेकर उन्होंने कहा कि हर सवाल का उत्तर आने वाला समय देगा। चांदना ने यह भी कहा कि इस सियासी संकट पर मैं कुछ कहना नहीं चाहता, क्योंकि अक्सर मेरी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है।
बता दें कि कुछ दिन पहले अजमेर के पुष्कर में चांदना पर जूता उछाला गया था। इस कांड के बाद चांदना खुलकर पायलट के विरोध में आ गए थे। वहीं पायलट समर्थक चांदना से इसलिए नाराज है कि उन्होंने बगावत के समय गहलोत कैंप का साथ दिया था।
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