Rajasthan News: पुलिस-भाजपा कार्यकर्ता भिड़े, पूनिया को धक्का देकर नीचे गिराया, पूर्व मंत्री अरुण का हाथ टूटा

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राजस्थान की गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा सड़क पर उतर आई। भाजपा नेताओं ने लंपी, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध सहित अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा घेरने की योजना बनाई थी। सड़क पर उतरे भाजपा नेताओं को रोकने लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी। जयपुर के सहकार मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस से भिड़ गए।

बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को पुलिसवालों ने धक्का मार दिया। जिससे वह नीचे गए। बताया जा रहा है कि नीचे गिरने से उन्हें हल्की खरोचें आईं है। प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर चोट पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी को लगी है। उनके हाथ टूट गया, हालांकि यह कैसे हुआ अब तक यह साफ नहीं हो पाया है।  

दरअसल, भाजपा ने मंगलवार को कई मुद्दों पर विधानसभा का घेराव करने की योजना बनाई थी। जयपुर भाजपा कार्यालय में सुबह से ही पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें सहकार मार्ग पर रोक दिया। 

यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाजपा कार्यकर्ता पूनिया के रथ के साथ आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने के लिए समझाइश की, लेकिन वह नहीं माने। पूनिया बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध करने लगे तो पुलिसकर्मचारियों ने उन्हें धक्का दे दिया। जिससे वह नीचे गिर गए। काफी देर चले हंगामे के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। 

पूनिया बोले- कांग्रेस का श्राद्ध होगा

इससे पहले भाजपा कार्यालय में सभा का भी आयोजन किया गया। इस दौरान सतीश पूनिया ने कहा, अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है, 2023 में कांग्रेस का भी श्राद्ध हो जाएगा। देश और प्रदेश से कांग्रेस सरकार का सफाया होना है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार सदन और धरातल दोनों से भागना चाह रही है, लेकिन प्रदेश की जनता और भाजपा उसे भागने नहीं देगी। उन्हें एक-एक बात का जवाब देना पड़ेगा। पूनिया ने कहा, अभी हमारे सामने सबसे बड़ा मुद्दा लंपी वायरस है। सरकारी आंकड़े में 10 लाख गाय संक्रमित हुईं हैं और 57 हजार के करीब की मौत हुई, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। इस वायरस ने प्रदेश में 30 लाख से ज्यादा गायों को अपनी चपेट में लिया है। वहीं, 10 लाख से ज्यादा गौवंश का नुकसान हुआ है। यह सरकार की संवेदनहीनता का सबूत है। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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