Rajasthan: थाने में 11.35 लाख की चोरी, पत्नी की मौत के बाद एएसआई ने रखे थे जेवर, पुलिस ने नहीं लिखी FIR

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राजस्थान के कोटा जिले के एक थाने में 11.35 लाख की चोरी हो गई। बदनामी के डर से थाना पुलिस ने 45 दिन तक रिपोर्ट ही नहीं लिखी गई है। अब अगर थाने में ही चोरी हो जाए तो आप सोचिए शहर की सुरक्षा व्यवस्था क्या ही होगी। इधर, मामले को लेकर कोटा पुलिसिंग के मुखिया आईजी प्रसन्न खमेसरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी जुटाता हूं।  

जानकारी के अनुसार मामला कोटा के गुमानपुरा थाने का है। एएसआई रामकरण नागर थाने में कार्यरत थे। 31 जुलाई को वह सेवानिवृत हो चुके हैं। उनकी पत्नी मांगीबाई का कोरोना संक्रमित होने के बाद निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के सोने के जेवर और नकदी थाने की एक अलमारी में रख दिए। लंबे समय तक उन्होंने अलमारी में रखे गहने नहीं देखे।

 रिटायर्ड होने से पहले रामकरण ने 16 जुलाई को अलमारी खोली तो उसमें रखे जेवर और नकदी गायब थे। उन्होंने थाने में बात की, लेकिन बदनामी के डर से उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। लंबे समय तक प्रयास के बाद भी उनके गहने और रुपये नहीं मिले, तो उन्होंने इसकी जानकारी मीडिया को दी। जिसके बाद यह मामला सामने आया।  

मामले ने तूल पकड़ा तो अब थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जांच विज्ञान नगर थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज को दी गई। पीड़ित रामकरण ने अपनी रिपोर्ट में थाने में ही कार्यरत 10 पुलिसकर्मियों पर शक जताया है। रामकरण ने अपनी शिकायत में कहा कि जिस अलमारी में उसने 1.50 लाख रुपये और करीब 9.85 लाख के जेवर रखे थे। 

वहां कोई आम आदमी नहीं आ सकता है। ऐसे में उसे शक है कि चोरी थाने में पदस्थ किसी पुलिसकर्मी ने ही की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संदिग्ध पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जाएगी। इधर, आईजी प्रसन्न खमेसरा ने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी ली जाएगी।  

विस्तार

राजस्थान के कोटा जिले के एक थाने में 11.35 लाख की चोरी हो गई। बदनामी के डर से थाना पुलिस ने 45 दिन तक रिपोर्ट ही नहीं लिखी गई है। अब अगर थाने में ही चोरी हो जाए तो आप सोचिए शहर की सुरक्षा व्यवस्था क्या ही होगी। इधर, मामले को लेकर कोटा पुलिसिंग के मुखिया आईजी प्रसन्न खमेसरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी जुटाता हूं।  

जानकारी के अनुसार मामला कोटा के गुमानपुरा थाने का है। एएसआई रामकरण नागर थाने में कार्यरत थे। 31 जुलाई को वह सेवानिवृत हो चुके हैं। उनकी पत्नी मांगीबाई का कोरोना संक्रमित होने के बाद निधन हो गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के सोने के जेवर और नकदी थाने की एक अलमारी में रख दिए। लंबे समय तक उन्होंने अलमारी में रखे गहने नहीं देखे।

 रिटायर्ड होने से पहले रामकरण ने 16 जुलाई को अलमारी खोली तो उसमें रखे जेवर और नकदी गायब थे। उन्होंने थाने में बात की, लेकिन बदनामी के डर से उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। लंबे समय तक प्रयास के बाद भी उनके गहने और रुपये नहीं मिले, तो उन्होंने इसकी जानकारी मीडिया को दी। जिसके बाद यह मामला सामने आया।  

मामले ने तूल पकड़ा तो अब थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जांच विज्ञान नगर थाना अधिकारी देवेश भारद्वाज को दी गई। पीड़ित रामकरण ने अपनी रिपोर्ट में थाने में ही कार्यरत 10 पुलिसकर्मियों पर शक जताया है। रामकरण ने अपनी शिकायत में कहा कि जिस अलमारी में उसने 1.50 लाख रुपये और करीब 9.85 लाख के जेवर रखे थे। 

वहां कोई आम आदमी नहीं आ सकता है। ऐसे में उसे शक है कि चोरी थाने में पदस्थ किसी पुलिसकर्मी ने ही की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। संदिग्ध पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जाएगी। इधर, आईजी प्रसन्न खमेसरा ने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी ली जाएगी।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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