Rajasthan: सड़क पर उतरकर करेंगे केंद्र का विरोध, टिकैत बोले- सरकार को न्यूनतम खरीद मूल्य तय करना ही होगा

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किसान नेता राकेश टिकैत सोमवार को बीकानेर दौरै पर आए। वह पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के घर पहुंचे और उनकी मां के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि किसान को फसल खरीद के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य तय करना ही होगा। किसानों को उसकी फसल के उचित मूल्य दिलवाने के लिए भारतीय किसान यूनियन आगामी दिनों में देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। 
 
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को एमएसपी के लिए नए सिरे से नियम बनाने होंगे, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके। वर्तमान एमएसपी से किसान का शोषण हो रहा है। क्या राजस्थान के किसानों के बाजरा, मूंगफली, सरसों की फसलों को एमएसपी का फायदा नहीं मिलना चाहिए? व्यापारी पहले फसल खरीदकर उसे होल्ड करता है, फिर उसे ऊंची कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता है। 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार द्वारा हाइवे बनाने के दौरान किसानों से अधिग्रहित जमीन के दो सौ मीटर में कोई दुकान नहीं खोलने की शर्त लगाई है। सरकार की इस नीति के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन आगामी दिनों में सड़कों पर उतरेगा। सरकार के इस फैसले से छोटे दुकानदार भी खतरे में हैं, उन्हें भी अपनी लड़ाई लड़नी होगी। आने वाला समय छोटे दुकानदारों के एकजुट होने का है। सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं दुकानदारों पर आने वाला है।

टिकैत ने कहा कि विपक्ष में एकजुटता का अभाव है। विपक्ष के कई नेता प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन कोई भी इस सरकार के विरोध में लड़ना नहीं चाहता। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं पर  ईडी और सीबीआई की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि यह संस्थाएं केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रही हैं। जो सरकार के विरोध करता है उन्हें इन संस्थाओं का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है। 

विस्तार

किसान नेता राकेश टिकैत सोमवार को बीकानेर दौरै पर आए। वह पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के घर पहुंचे और उनकी मां के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए टिकैत ने कहा कि किसान को फसल खरीद के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य तय करना ही होगा। किसानों को उसकी फसल के उचित मूल्य दिलवाने के लिए भारतीय किसान यूनियन आगामी दिनों में देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। 

 

उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को एमएसपी के लिए नए सिरे से नियम बनाने होंगे, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके। वर्तमान एमएसपी से किसान का शोषण हो रहा है। क्या राजस्थान के किसानों के बाजरा, मूंगफली, सरसों की फसलों को एमएसपी का फायदा नहीं मिलना चाहिए? व्यापारी पहले फसल खरीदकर उसे होल्ड करता है, फिर उसे ऊंची कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता है। 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार द्वारा हाइवे बनाने के दौरान किसानों से अधिग्रहित जमीन के दो सौ मीटर में कोई दुकान नहीं खोलने की शर्त लगाई है। सरकार की इस नीति के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन आगामी दिनों में सड़कों पर उतरेगा। सरकार के इस फैसले से छोटे दुकानदार भी खतरे में हैं, उन्हें भी अपनी लड़ाई लड़नी होगी। आने वाला समय छोटे दुकानदारों के एकजुट होने का है। सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं दुकानदारों पर आने वाला है।

टिकैत ने कहा कि विपक्ष में एकजुटता का अभाव है। विपक्ष के कई नेता प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन कोई भी इस सरकार के विरोध में लड़ना नहीं चाहता। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं पर  ईडी और सीबीआई की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि यह संस्थाएं केंद्र सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रही हैं। जो सरकार के विरोध करता है उन्हें इन संस्थाओं का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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